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थानों पर चोरी की बिजली से हो रहा बैरक व हॉस्टल का निर्माण

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सीन एक
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मंदिर में कटिया लगाकर हो रही बिजली चोरी
गदागंज। थाना परिसर में चार महिला, 12 पुरुष के लिए हॉस्टल और बैरक का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण में सबमर्सिबल और कार्य के लिए कटर मशीनें का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन बिजली के लिए कोई कनेक्शन नहीं लिया गया। मंदिर परिसर में लगी केबल से बिजली चोरी हो रही है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। यहां पर बैरक और हॉस्टल का निर्माण 78 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
सीन दो
थाने के कनेक्शन में कटिया डालकर हो रही चोरी
जगतपुर। थाना परिसर में भी चार महिला व 12 पुरुष के लिए हॉस्टल और बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। थाने के कनेक्शन से पूरी इमारत खड़ी कर दी गई, लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं लिया गया है। मौजूदा समय भी काम चल रहा है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं को दिन रात हो रही बिजली चोरी नहीं दिखाई पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग के अभियंता भी सरकार के राजस्व को चूना लगाने में जुटे हैं।
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सीन तीन
23 हजार बकाया फिर भी करा रहे बिजली चोरी
बछरावां। थाना परिसर में 152 लाख रुपये की लागत से 10 महिला व 30 पुरुष का हॉस्टल और बैरक का निर्माण होना है। ज्यादातर निर्माण कार्य हो गया है। थाने की बिजली से पूरा कार्य हो रहा है। यह हाल तब है जब थाने का बिजली बिल 23 हजार रुपये बकाया है। इसके बावजूद बिजली चोरी कराई जा रही है। इस ओर न तो पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता ध्यान दे रहे हैं न ही पुलिस महकमे के अफसर।
रायबरेली। जिले के कई थानों में बैरक व हॉस्टल का निर्माण चल रहा है। लेकिन अधिकतर जगहों पर चोरी की बिजली से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। बिजली चोरी पर शिकंजा कसने वाली विजिलेंस टीम को भी बिजली चोरी नहीं दिख रही है। थानों और कोतवाली में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। मानक दरकिनार हैं। बावजूद यह देखने वाला कोई नहीं है।
मौजूदा समय जिले के थानों व कोतवाली में करीब छह अरब छह करोड़ की लागत से हॉस्टल और बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। नियमत: निर्माण के दौरान सबमर्सिबल पंप चलाने और अन्य कार्य जरूरी उपकरण चलाने के लिए अस्थाई कनेक्शन लेना चाहिए, लेकिन कहीं भी कनेक्शन नहीं लिया गया। ज्यादातर जगहों पर थाने की बिजली से ही कटिया जोड़कर काम हो रहा है। खास बात यह है कि चोरी समेत अन्य अपराध रोकने वाली पुलिस भी इस कार्य में शामिल है।
कहां सो रही विजलेंस टीम
बिजली चोरों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए भले ही शासन ने जिले में ही बिजली थाना और विजलेंस टीम को मुस्तैद कर दिया है, लेकिन इनको थानों में हो रही बिजली चोरी नहीं दिख रही है। दिन रात ताबड़तोड़ छापामारी करके वाहवाही लूटने वाली विजलेंस टीम लाखों रुपये की बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। गरीबों और उपभोक्ताओं के यहां तो यह टीम शिकंजा कसने से नहीं चूकती, लेकिन थानों में कभी छापा नहीं मारा। पुलिस लाइंस में हो रहे निर्माण कार्य में बिजली चोरी हो रही है।
जनरेटर से कराया जाता काम
थानों और कोतवाली में बैरक और हॉस्टल निर्माण में बिजली का ज्यादा काम नहीं रहता है, जो काम रहता भी है उसे जनरेटर से निपटा लिया जाता है। बिजली चोरी जैसी कोई बात नहीं है।
दिनेश कुमार कुरील, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
थानों और कोतवाली में बैरक और हॉस्टल निर्माण में यदि बिजली का उपयोग हो रहा है तो अस्थाई कनेक्शन लेना जरूरी है। यदि बिना कनेक्शन के बिजली चोरी हो रही है तो छापामारी कराई जाएगी। साथ ही नोटिस भी भेजा जाएगा।
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एके सिंह, मुख्य अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन, लखनऊ जोन
जिले के थानों पर विभिन्न कार्यदायी संस्था बैरक और हॉस्टल का निर्माण कार्य करा रही हैं। निर्माण कार्य से विभाग से कोई लेना देना नहीं है। यदि थानों की बिजली चोरी करके निर्माण कार्य कराया जा रहा है तो इसकी रिपोर्ट संबंधित थानेदारों से मंगाई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को लिखापढ़ी की जाएगी। वैसे सभी थानेदारों से थानों पर हो रहे निर्माण कार्यों पर गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
श्लोक कुमार, एसपी
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