रायबरेली। पांचवें चरण के लिए 27 फरवरी को सलोन विधानसभा सीट के लिए वोट डाले जाएंगे। मतदान कराने के लिए शनिवार को पोलिंग पार्टियां 393 बूथों पर पहुंच गईं। सुबह बूथों पर साढ़े पांच बजे मॉकपोल होगा।
इसके बाद सात बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। सलोन विधानसभा क्षेत्र के करीब 3.48 लाख से अधिक मतदाता नौ उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
शहर के गोरा बाजार स्थित आईटीआई प्रशिक्षण संस्थान में शनिवार सुबह से ही पोलिंग पार्टियों को रवाना करने का काम शुरू हुआ। पंडालों में सुबह से मतदान कर्मचारी पहुंचने लगे।
सभी को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के साथ स्टेशनरी, कोरोना बचाव किट आदि सामग्री दी गई। सुविधा के लिहाज से विभिन्न सामग्री के वितरण के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए।
एक काउंटर पर केवल ईवीएम और वीवीपैट का वितरण किया गया। कर्मचारियों ने गोराबाजार परिसर में ही बैठकर दस्तावेजों को चेक भी किया। सुबह 11 बजे के बाद पोलिंग पार्टियों मतदान केंद्रों पर पहुंचने के लिए निकल पड़ीं।
शाम तक सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने बूथों तक पोलिंग पार्टियों को पहुंचाने के साथ ही मतदान कराने की तैयारियां पूरी कराईं। रविवार को सलोन विधानसभा क्षेत्र के 393 बूथों पर 3.48 लाख से अधिक वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मतदान कराने को लेकर महिलाओं में दिखा उत्साह
सलोन विधानसभा क्षेत्र में मतदान कराने को लेकर शनिवार को महिला मतदान अधिकारियों ने उत्साह देखने को मिला। कई महिलाएं सिर पर चुनाव सामग्री लेकर बसों तक पहुंचीं। लोकसभा चुनाव के दौरान लखनऊ में पीली साड़ी में दिखीं रीना द्विवेदी सोशल मीडिया पर छा गईं थीं।
सलोन के पोलिंग बूथों पर रवाना होने से पहले ही एक बूथ पर जा रही प्रीती शुक्ला ने भी उसी तर्ज पर सुर्खियां बटोरीं। एक हाथ में ईवीएम और दूसरे हाथ से मोबाइल से बात करते हुए उनकी फोटो धड़ाधड़ कई ग्रुपों पर वायरल हो गई।
लेकिन ड्यूटी कटवाने का भी चला जुगाड़
गोराबाजार में अंतिम समय तक कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी कटवाने के प्रयास में जुटे रहे। किसी ने बीमारी तो अन्य बहाने करके ड्यूटी से बचने का प्रयास किया गया। कुछ ऐसे मामले भी आए जिसमें पति व पत्नी दोनों की ड्यूटी लग गई थी। हालांकि पार्टी रवानगी से पहले ड्यूटी काटी नहीं गई। कई कर्मचारी पिछले कई दिनों से ड्यूटी कटवाने की जुगत में लगे थे लेकिन ड्यूटी नहीं कट सकी। शनिवार को पार्टी रवानगी के समय भी ड्यूटी कटवाने के प्रयास किए।
पहचान पत्र नहीं तो घबराएं नहीं, यह विकल्प लेकर पहुंचे वोट डालने
वोटर आईडी कार्ड के अलावा आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक और डाकघर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेनकार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई से जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, पासपोर्ट, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज, केंद,्र राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड फर्म से कर्मचारियों को जारी किए फोटोयुक्त सेवा पहचानपत्र, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचानपत्र को वोटर मतदान करने के लिए पहचान के रूप में ला सकता है।