सर्दी से बचने के लिए अलाव तापती महिलाएं।
रायबरेली। सर्दी के सितम से लोग बेहाल है। सर्द हवा और कोहरे का जोर होने से हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं। ठंड से केवल लोग ही नहीं, पशु-पक्षी भी परेशान हैं। सर्दी के कारण पक्षियों की चहचहाहट कम हो गई है। बाजारों में चहलपहल कम है, इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। ऊनी कपड़ों का बाजार तो गर्म है, लेकिन अन्य व्यापार ठंडे पड़े हैं।
बुधवार सुबह घना कोहरा पड़ा, इसके साथ ही पाला भी पड़ा। इस कारण सुबह कड़ाके की सर्दी रही। हाल यह रहा कि दोपहर 12 बजे तक लोग सर्दी से कांपते नजर आए। दोपहर एक बजे के बाद हल्की धूप निकली, लेकिन सर्द हवा का असर होने से धूप की रोशनी भी राहत नहीं दे सकी। पूरे दिन लोग सर्दी से बचने के इंतजाम में लगे रहे।
अलाव शहर में कहीं नहीं दिखे। लोगों ने घरों में सिगड़ी में कोयला डालकर उसकी आंच से सर्दी को दूर किया। बुधवार को अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम रहा।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है, इस कारण कोहरा और गलन अधिक हो रही है। अभी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।