रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो पर दिव्यांगों के लिए पानी की टोंटी टूटी होने से लगाया गया लक
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी के इंतजाम नाकाफी है। प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर फ्रीजर नहीं लगे हैं। वाटर बूथ तो हर 10-15 मीटर पर बने हैं, लेकिन इन बूथों की टोटियां गर्म पानी उगलती हैं। इससे यात्रियों की प्यास नहीं बुझ पाती है। लोग पानी की बोतल खरीदने को मजबूर हैं।
भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर दो पर फ्रीजर लगाने के लिए डेढ़ महीने पहले लिखापढ़ी शुरू कर दी गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शहर के रेलवे स्टेशन पर आठ रेल लाइनें और पांच प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें चार प्लेटफाॅर्मों पर ट्रेनें रुकती हैं। यहां यात्रियों का आवागमन होता है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर तीन फ्रीजर लगे हैं। इसी प्लेटफॉर्म से जुड़ा प्लेटफॉर्म 1-ए भी है।
इन दोनों प्लेटफाॅर्मों पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त वाटर बूथ लगे हैं। तीन फ्रीजर भी लगाए गए हैं। ये फ्रीजर भी पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए नाकाफी हैं। लगातार यात्रियों की भीड़ लगी रहने के कारण पानी ठंडा होने का समय ही नहीं मिल पाता है।
प्लेटफॉर्म नंबर दो से जुड़ा ही प्लेटफॉर्म नंबर तीन भी है। इन प्लेटफॉर्मों पर लखनऊ की ओर से आने वाली सभी ट्रेनें रुकती हैं। वाटर बूथ तो पर्याप्त हैं, लेकिन कई टोटियां टूटी होने के कारण उनमें लकड़ी के टुकड़े ठूंस दिए गए हैं। फ्रीजर एक भी नहीं है। इस प्लेटफॉर्म पर फ्रीजर के लिए दो जगह चबूतरा बना है, लेकिन फ्रीजर की व्यवस्था नहीं है। इससे यात्रियों को ठंडा पानी नहीं मिल पाता है। अगर एक नंबर प्लेटफॉर्म पर पानी लेने आएंगे तो ट्रेन छूट जाएगी।
फ्रीजर लगवाने के लिए भेजा गया पत्र : टीआई
प्लेटफॉर्म नंबर दो पर ठंडे पानी की समस्या के निदान के लिए अभी हाल ही में स्टेशन अधीक्षक शहबाज मुजफ्फर ने फ्रीजर लगवाने की मांग करते हुए मंडलीय अधिकारियों को चिट्ठी भेजी है। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार डेढ़ महीने से लगातार पत्र व्यवहार कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक फ्रीजर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यातायात निरीक्षक का कहना है कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लगे तीनों फ्रीजर काफी पुराने हो चुके थे, जिन्हें पिछले महीने बदलवा दिया गया था। नए फ्रीजर लगने से यात्रियों को भरपूर ठंडा पानी मिल रहा है। प्लेटफॉर्म दो पर नए फ्रीजर लगवाने की मांग की गई है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा।