बछरावां (रायबरेली)। लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर जाम लगते ही आपको तत्काल सूचना मिलेगी। हाईवे पर डायवर्जन होते ही वाहन चालक को जानकारी मिल जाएगी। ऐसा एनएच-30 पर लगाए जा रहे एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से संभव हो सकेगा।
लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर सफर करने वालों को एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से आंधी-पानी, डायवर्जन व दुर्घटना के दौरान मेडिकल सेवाएं तत्काल उपलब्ध हो सकेंगी।
एनएचएआई की ओर से लखनऊ-रायबरेली टोल वे लिमिटेड वीएसडी, वीएमएस, सीसीटीवी कैमरे व मेट लगवाए जान का कार्य शुरू किया गया है। 31 दिसंबर तक यह काम पूरा होगा।
एनएच-30 लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर सफर करने वालों को अब एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाएं मिलेंगी। एनएचएआई ने उतरेठिया लखनऊ से सिविल लाइंस रायबरेली तक ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबल) बिछा दी गई है।
100 सीसीटीवी कैमरे प्रस्तावित हैं, जिसमें 15 सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। इन सीसीटीवी कैमरों की मदद से एनएचएआई को यात्रियों को होने वाली असुविधाओं और दुर्घटनाओं की जानकारी तत्काल मिल जाएगी। इससे पेट्रोलिंग टीम यथाशीघ्र मदद उपलब्ध करा सकेगी।
इसके लिए छह वीएसडी सिस्टम लगाए जाएंगे। वीएसडी की मदद से एनएच-30 से गुजर रहे वाहनों की रफ्तार का पता लगाया जा सकेगा। 14 वीएमएस सिस्टम भी लगेंगे।
वीएमएस की मदद से वाहन सवारों को यह जानकारी मिल जाएगी कि आगे डायवर्जन है या फिर किसी दुर्घटना के कारण जाम लगा हुआ है। टोल प्लाजा पर एक मेट लगाया जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर पहुंचने के बाद आगे आंधी, पानी व मौसम की जानकारी मिल जाएगी।
लखनऊ-रायबरेली टोल-वे लिमिटेड के परियोजना प्रमुख अनिरुद्ध सिंह ने बताया की एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से यातायात की मॉनिटरिंग हो सकेगी। यह कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।