लकवा पीड़ितों को अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उनके उपचार की व्यवस्था जिला अस्पताल में की जा रही है। अभी तक लकवा के इलाज के लिए पीड़ित को लखनऊ, कानपुर व अन्य शहरों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
इस बीमारी के उपचार के लिए मरीज को अटैक के चार घंटे के अंदर जिला अस्पताल पहुंचाना होगा। जहां दवाइयों का इंतजाम किया गया है। अभी तक ऐसी व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं थी। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक आए दिन लकवा पीड़ित इलाज के लिए आते हैं लेकिन व्यवस्था न होने के कारण उन्हें प्राइवेट इलाज कराना पड़ता है।
अब अस्पताल में लकवा से ग्रसित रोगियों का इलाज संभव हो सकेगा। इससे जिले के रोगियों को फायदा मिल सकेगा। जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल के मुताबिक किसी व्यक्ति का एक हाथ कमजोर या सुन्न हो और बोली अस्पष्ट न हो तो उसे लकवा का अटैक हो सकता है। ऐसे व्यक्ति को सीधे जिला अस्पताल पहुंचाना चाहिए ताकि समय से उपचार किया जा सके।