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लिक्विड खत्म, जिले में सिर्फ छह घंटे की बची ऑक्सीजन

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रायबरेली। कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए सबसे अधिक जरूरी ऑक्सीजन की किल्लत सामने खड़ी हो गई है। मरीजों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले गंगागंज स्थित प्लांट में लिक्विड खत्म हो गया है।
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कई डिमांड के बाद भी बोकारो (झारखंड) से ऑक्सीजन बनाने की लिक्विड की आपूर्ति नहीं हुई है। प्लांट पर मात्र 250 सिलेंडर भरने के लिए ही ऑक्सीजन बची है। ऐसी स्थिति में जिले में सिर्फ छह घंटे के लिए ही ऑक्सीजन बची हैं। मामले में डीएम ने भी शासन को स्थिति से अवगत करवा दिया है।
शहर से सटे गंगागंज स्थित गजबदन इंड्रस्ट्रियल एवं मेडिकल गैसेज प्लांट से रेलकोच के एल-2 अस्पताल के अलावा जिला अस्पताल और निजी चिकित्सालयों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
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19 हजार किलो ऑक्सीजन की क्षमता वाले प्लांट पर शुक्रवार तक ऑक्सीजन उत्पादन के लिए लिक्विड उपलब्ध था। शाम तक ऑक्सीजन सिलेंडर भरने के बाद अब करीब 250 और सिलेंडरों को ही भरने की ऑक्सीजन बची है।
प्लांट के संचालक के साथ ही डीएम वैभव श्रीवास्तव ने ऑक्सीजन की समस्या से निपटने के लिए लिक्विड के लिए कई बार डिमांड भेजी, लेकिन प्लांट को लिक्विड नहीं मिल पाया है।
ऐसी स्थिति में शनिवार तक झारखंड के लिक्विड की व्यवस्था न हो पाई तो प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन ठप हो जाएगा। ऐसी स्थिति में जिले में कोरोना के गंभीर मरीजों के सामने ऑक्सीजन की बड़ी समस्या खड़ी होनी लगभग तय हो गई है।
प्लांट से रोजाना 3,000 किलो ऑक्सीजन की आपूर्ति
प्लांट के संचालक सुमित चौबे का कहना है कि रोजाना एल-2 और जिला अस्पताल को करीब 400 सिलेंडर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। करीब 150 सिलेंडर निजी अस्पतालों पर अन्य जरूरी लोगों को दिए जा रहे हैं।
एक दिन में प्लांट से करीब 3,000 किलो ऑक्सीजन की आपूर्ति इन दिनों हो रही है, लेकिन लिक्विड के अभाव में करीब एक हजार किलो ऑक्सीजन की बची है। टंग में एक बार लिक्विड डालकर तीन से चार हजार सिलेंडर भरने की क्षमता है। लिक्विड न मिलने पर प्लांट बंद करना पड़ेगा।
लखनऊ से नहीं मिलेगी ऑक्सीजन, मच सकती हाय-तौबा
लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों से जिले को ऑक्सीजन मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। बड़े शहरों में भी ऑक्सीजन तैयार करने के लिए लिक्विड की काफी कमी है। ऐसे में जिले में ऑक्सीजन का उत्पादन लिक्विड के अभाव में प्रभावित हुआ तो हाय-तौबा मचना तय है। क्योंकि एल-2 में भर्ती 166 और जिला अस्पताल में भी 100 से अधिक मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है। होम आइसोलेशन में भी तमाम मरीज ऑक्सीजन का प्रयोग कर रहे हैं।
ऑक्सीजन की उपलब्धता को कम नहीं होने दिया जाएगा। प्लांट में लिक्विड खत्म हो गया है। इसके लिए डिमांड जारी की गई है। शुक्रवार को उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। उम्मीद है कि लिक्विड मिल जाएगा। हम सभी को मिलकर कोरोना से जंग जीतना है। सभी को एक दूसरे का साथ देना होगा।
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- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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