ऊंचाहार तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी बहेरवा माइनर की पटरी में कटान होने से 80 बीघा गेहूं की फसल पानी में डूब गई। इसमें कुछ फसल कटी थी, जिसे किसान सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। खड़ी फसल में पानी भर जाने से खराब होने की आशंका है।
किसानों ने नहर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। हताश किसानों ने किसी तरह नहर की कटान को बांध दिया। डलमऊ पम्प नहर से जुड़े कंदरावां रजबहा से बहेरवा माइनर निकली है।
रविवार रात यह नहर रामसांडा गांव के पास कट गई। रात में नहर कटने की जानकारी किसानों को नहीं हुई। सुबह जबह किसान खेतों की तरफ गए तो करीब 80 बीघा गेहूं की फसल लबालब पानी में डूबी थी। यह देख किसानों में हलचल मच गई।
इसमें ज्यादातर किसानों की फसल खड़ी है। जिन किसानों के खेत में कटी फसल पड़ी है। वह उसे सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। किसानों ने इसकी जानकारी सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के कर्मचारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
किसान रामकुमार मौर्य, रामबहादुर सिंह, उदयभान सिंह, कृष्ण कांत पांडेय, लालजी, श्री राम आदि ने बताया कि खड़ी फसल में पानी भर गया है। पानी निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इससे फसल सड़ने की आशंका है।
एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि नहर कटने की सूचना मिली है। लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। वहीं एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि नहर कटने की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।