गल्लामंडी के पास ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद किया गया था रास्ता।
रायबरेली। गल्ला मंडी स्थित ओवरब्रिज का मरम्मत कार्य रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। यह हाल तब है, जब अफसरों ने फरवरी में मरम्मत कार्य पूरा कराकर आवागमन संचालित करने का दावा किया था। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर आने-जाने के लिए लोगों को 10 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
जहानाबाद चौकी से रतापुर चौराहा जाने वाले मार्ग पर गल्ला मंडी के पास सेतु निगम ने साल 2011 में ओवरब्रिज का निर्माण कराया था। दो साल पहले ओवरब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई थी। 17 अगस्त 2025 को ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। सरिया बाहर आ गई और सड़क भी धंस गई थी। इसके बाद ओवरब्रिज से आवागमन रोक दिया गया। कई बार लोक निर्माण और सेतु निगम के अफसरों ने जांच की।
जांच में गर्डर और एक पिलर (खंभा) के अलावा कई जगह छत जर्जर मिली थी। लंबी खींचतान के बाद सेतु निगम ने जनवरी 2026 में गल्ला मंडी स्थित ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य शुरू कराया था। मरम्मत कार्य पर एक करोड़ 35 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। मनोज कुमार ने बताया कि पुल पर आवागमन बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबा चक्कर लगाकर शहर तक आना पड़ता है। होटल संचालन शिवपाल ने बताया कि उनके व्यापार पर असर पड़ा है। पहले जब पुल चालू था तो लोग होटल में आते थे। अब ग्राहकों की संख्या कम हो गई है।
सेतु निगम का दावा था कि फरवरी में ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया है। संवाद न्यूज एजेंसी ने बुधवार को मौके पर पड़ताल की तो अफसरों का यह दावा खोखला नजर आया। पता चला कि ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य बेहद धीमा है। मरम्मत का आधा कार्य भी पूरा नहीं हो सका। ढिलाई इसी तरह बरती गई तो पुल मरम्मत का कार्य पूरा होने में और समय लगेगा। शहर आने-जाने के लिए लोगों को या तो त्रिपुला चौराहा या फिर रतापुर से डिग्री कॉलेज चौराहा से होते हुए जाना पड़ रहा है। इससे लोगों करीब 10 किमी की दूरी अतिरिक्त तय पड़ती है।
अफसर रहते नदारद, ठेकेदार के भरोसे कार्य
शहर के बीचोबीच स्थित ओवरब्रिज खस्ताहाल है। ओवरब्रिज से जल्द आवागमन शुरू कराने का दबाव है। बावजूद अफसरों का इससे कोई लेना देना नहीं है। आसपास के लोगों की मानें तो अफसर मौका मुआयना करने तक नहीं आते हैं। ठेकेदार के भरोसे कार्य है। यही वजह है कि ठेकेदार मनमाने तरीके से ओवरब्रिज मरम्मत का कार्य कराते हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
सेतु निगम की उप प्रबंधक पूजा श्रीवास्तव का कहना है कि ओवरब्रिज के ऊपरी सतह का कार्य लगभग पूरा हो गया है। बस पानी छिड़काव का कार्य शेष बचा है। फरवरी में ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। नीचे वाले हिस्से का कार्य होता रहेगा। इसका आवागमन पर असर नहीं पड़ेगा।