रायबरेली। संदिग्ध पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने के कथित षड्यंत्र से जुड़े मामले में जिले के सलोन ब्लॉक में 43,846 जाली जन्म प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आया था कि 12 ग्राम पंचायतों में फर्जी तरीके से 52,846 प्रमाणपत्र बनाए गए थे। इनमें पाकिस्तान की सीमा से लगे गुजरात, राजस्थान और पंजाब के पते पर बने 500 से अधिक प्रमाणपत्र भी शामिल थे।
सलोन ब्लॉक के गांवों में वीडीओ विजय सिंह यादव की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर मास्टरमाइंड जीशान की टीम ने जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में जांच के लिए रायबरेली पहुंची थी। इसके बाद सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में बांग्लादेश, नेपाल, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और पंजाब तक के लोगों के नाम से जाली प्रमाणपत्र मिलने की बात सामने आई थी।
राजस्थान के जोधपुर स्थित ठाकुर विकेंद्र नगर के पते पर हैदर, बिहार के पीरा बीघा चकंदगया के मो. अब्बास अंसारी, झारखंड के सद्दाम हुसैन और मोइनखान, पंजाब के लुधियाना निवासी अली तथा अहमदाबाद के शेरअली के नाम से बने प्रमाणपत्र निरस्त किए गए हैं।
महानिदेशक (जन्म-मृत्यु) के निर्देश पर निरस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। पाल्हीपुर में सबसे अधिक 13,707 जाली प्रमाणपत्र मिले थे। इनमें से 4,707 निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 11 गांवों में सभी जाली प्रमाणपत्र निरस्त करा दिए गए हैं।
12 ग्राम पंचायतों में निरस्त प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत
प्रमाणपत्र
पाल्हीपुर 4,707
नुरुद्दीनपुर
10,208
पृथ्वीपुर
9,393
सांडा सैदन 4,897
माधौपुर निनैया 3,746
लहुरेपुर
3,800
सिरसिरा
2,795
गढ़ी इस्लामनगर
2,395
औनानीश
1,665
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर
231
कालू जलालपुर
7
दुबहन
2
कुल
43,846
सलोन ब्लॉक के 12 गांवों में 52,846 जाली जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए थे। इनमें से 43,846 निरस्त करा दिए गए हैं। 11 गांवों में शत-प्रतिशत प्रमाणपत्र निरस्त हो चुके हैं। पाल्हीपुर में सबसे अधिक जाली प्रमाणपत्र होने के कारण शेष प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने की कार्रवाई चल रही है।
— विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ, रायबरेली