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अनलॉक-1 में 85 दिन बाद खुली ओपीडी, 1325 मरीजों का इलाज

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रायबरेली। कोरोना से जंग के लिए 26 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के साथ ही सरकारी अस्पतालों में ठप हुई ओपीडी शुक्रवार को करीब 85 दिन बाद खुल गई। जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी और पीएचसी में कोरोना सुरक्षा के बीच करीब 1325 मरीजों का इलाज किया गया।
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कई लोग बिना मास्क के पहुंचें जिन्हें वापस कर दिया गया लेकिन बाद में मास्क लगाकर आने पर उन्हें चिकित्सीय लाभ दिया गया। ओपीडी कक्षों में एक-एक मरीज को ही चिकित्सक से सलाह लेने के लिए भेजा गया। ओपीडी के बाहर लोगों को दूर-दूर खड़ा किया गया और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही एंटी दी गई।
लॉकडाउन के दौरान जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं के लिए ही अस्पतालों को खोला गया था। अनलॉक-1 शुरू होने के बाद अस्पतालों में कामकाज ढर्रे पर आना शुरू हो गया है। शासन की मंशा पर शुक्रवार को जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी शुरू हुई।
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हालांकि मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं रही। कुछ लोग ही ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचे। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल ने 13 मरीजों का इलाज किया। इसी तरह डॉ. जय सिंह ने भी 25 मरीजों का इलाज किया। जिला अस्पताल में करीब डेढ़ सौ लोग ओपीडी में शामिल हुए।
सीएचसी व पीएचसी में भी शुक्रवार सुबह ओपीडी शुरू हुई। सीएचसी जगतपुर में डॉ. सत्यपाल सिंह ने 65 से अधिक मरीजों का इलाज किया। गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग व पर्चे की व्यवस्था के बाद एक-एक करकेे मरीजों को अंदर जाने दिया गया।
दवा लेने के लिए भी बाहर ही काउंटर खोला गया था। इसके अलावा ऊंचाहार, सलोन, बछरावां, हरचंदपुर व डलमऊ आदि अस्पतालों में भी ओपीडी शुरू की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन शत-प्रतिशत कराने का प्रयास किया गया। इसके लिए लोगों को दूर-दूर खड़ा कराया गया।
ओपीडी में पहले दिन ज्यादातर मरीज सामान्य बुखार के ही रहे। हालांकि थर्मल स्क्रीनिंग में उनका तापमान तय सीमा से अधिक नहीं पाया गया। मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं देकर घर में एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए।
जगतपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि इन दिनों वायरल का खतरा ज्यादा है। पहले दिन बुखार के ज्यादा मरीज आए। यदि किसी को बुखार हो तो वह बिल्कुल ही न घबराए लेकिन एहतियात जरूर बरते और अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचे। सोशल डिस्टेंसिंग का शत-प्रतिशत पालन करें।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि शासन की मंशा पर अस्पतालों में ओपीडी शुरू करा दी गई है। सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त के निर्देश अधीक्षकों को दिए गए हैं। गेट पर बिना थर्मल स्क्रीनिंग के मरीजों को ओपीडी कक्ष में न जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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