केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था भी कालाबाजारियों पर अंकुश नहीं लगा सका है। सिलेंडर के लिए एजेंसियों में सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही है।
वहीं होटल, रेस्टोरेंट में खुलेआम घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। जिले में करीब दो लाख उपभोक्ता है। इसके लिए 29 एजेंसियां हैं।
वर्तमान में ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी करीब 15 हजार उपभोक्ताओं की वेटिंग चल रही है। 15 तो किसी ने 20 दिन पहले बुकिंग करा रखी है, लेकिन दूर-दूर तक उन्हें सिलेंडर मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
ऐसे में सभी को त्योहार फीका होने की चिंता सता रही है। सुबह करीब 10 बजे ऑनलाइन बुकिंग के बाद सिलेंडर लेने के लिए लोग जीआईसी मैदान में सुबह से ही लाइन में खड़े रहे।
यहां पर आए उपभोक्ता राजेश गुप्ता, दिनेश कुमार, पप्पू सोनी का कहना है कि 20 दिन पहले बुक कराया था। घर सिलेंडर नहीं पहुंचा तो एजेंसी में जाकर पर्ची कटवानी पड़ी। व्यवस्था का लाभ कुछ नहीं मिला।
जीआईसी मैदान में एक तरफ लोग लाइन में खड़े होकर सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे थे। वहीं करीब 11 बजे हलवाई अपने पिकअप वाहन से आता है। वहीं तीन सिलेंडर लेकर चला जाता है।
इस दौरान एजेंसी का कर्मचारी भी मौके पर पिकअप पर सिलेंडर भरने में पूरा सहयोग करता है। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन एक नहीं चली।
अस्पताल चौराहा के निकट होटलों की भरमार है। यहां पर आला अफसर तक गुजरते हैं। खुलेआम कई दुकानों में घरेलू सिलेंडर जल रहे हैं। लेकिन आज तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था के तहत गैस की बुकिंग हो रही है। कालाबाजारी की जांच कराई जाएगी। घरेलू सिलेंडरों का व्यवसायिक प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा।