400 से अधिक ऐसे जीतने वाले हैं, जो प्राइमरी तक की ही पढ़े हैं। बीए व एमए पास बीडीसी संख्या बहुत कम हैं। निरक्षरों में सबसे अधिक महिलाएं हैं।
खासकर उन ब्लॉकों में यह स्थिति हैं, जहां ब्लॉक प्रमुख की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। महराजगंज ब्लॉक में 70 में 16 बीडीसी निरक्षर हैं। इसके अलावा डलमऊ, जगतपुर व डीह ब्लॉकों में भी यह संख्या अधिक हैं।
अनुसूचित व पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित ब्लॉक प्रमुख की सीटों वाले ब्लॉकों में इस बार निरक्षर प्रत्याशियों को खूब जिताया है।
महराजगंज में 16, डलमऊ में 14, डीह में 13, सरेनी में सात, लालगंज में आठ, रोहनियां में छह, बछरावां में नौ, ऊंचाहार में आठ, जगतपुर में नौ, छतोह में आठ, खीरों में 10 बीडीसी निरक्षर चुने गए हैं।
इसी तरह शिवगढ़, डीह, सलोन, राही आदि ब्लॉकों भी तमाम निरक्षरों को जीत का मौका मिला है। बीए व एमए करने वालों की संख्या बहुत कम है, लेकिन प्राइमरी कक्षा पास बीडीसी की संख्या 400 से अधिक है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में उतरे 2000 से अधिक प्रत्याशियों ने जमानत तक गवां दी है। जिन सीटों पर दो या तीन प्रत्याशी थे। वहीं जमानत बच सकी है।