जिले में लेखपालों की हड़ताल ने आम आदमी की मुसीबत बढ़ा दी है। जनसेवा केंद्र और लोकवाणी में एक लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। जबकि छात्रवृत्ति फॉर्म भरने के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
ऐेसे में किसी को छात्रवृत्ति तो किसी को रोजगार से वंचित होना पड़ सकता है। इसके आगे जिला प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है। लेखपालों की हड़ताल को एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया है। इसका असर अब दिखने लगा है।
खासकर रोजगार और छात्रृवत्ति का सपना संजोए लोगों के लिए यह हड़ताल परेशानी का सबब बन गई है। कक्षा 9, 10 और 11 के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए फॉर्म भरने की 31 अगस्त अंतिम तारीख है। ऐसे में निवास, आय, जाति प्रमाणपत्र न भरने के कारण फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं।
वहीं सफाई कर्मी पद के लिए भी आवेदनकर्ता फाॅर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसी तरह अन्य लोगों को भी प्रमाणपत्र न बनने से परेशानी हो रही है। इस समय जिले के 540 जन सेवा केंद्रों और लोकवाणी में एक लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं। जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं।
सफाई कर्मी पद के लिए अभ्यर्थियों ने नगर पालिका और नगर पंचायत कार्यालयों में जमा किये थे। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र न लगे होने की वजह से करीब दो हजार अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।
महज नगर पालिका परिषद रायबरेली में अब तक जांच के दौरान 836 फॉर्म निरस्त किए गए हैं। ऐसे में आगे भी फॉर्म निरस्त होने की संभावना है। फॉर्म निरस्त होने से रोजगार का सपना संजोए युवाओं को लेखपालों का आंदोलन भारी पड़ रहा है।
करीब कितने फॉर्म लंबित
आय 50 हजार
जाति 45 हजार
निवास 37 हजार
छात्रा पूजा, छात्र आशीष यादव, दल बहादुर वअजय कुमार का कहना है कि जिला मुख्यालय स्थित लोकवाणी के कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं। 31 अगस्त तक छात्रवृत्ति का फॉर्म जमा करना है। लेकिन आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है।
इससे अब नहीं लगता कि छात्रवृत्ति मिल पाएगी। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आओ तो यही जवाब मिलता है कि प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है। कब बनेगा, यह कोई बता नहीं पाता। अधिकारियों को चाहिए कि वह इस समस्या पर ध्यान दे।
शासन के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने कहा था कि समस्त लेखपाल मंगलवार को अपनी-अपनी तहसीलों में पहुंचेंगे। बावजूद कोई तहसीलों में नहीं पहुंचा है। डीएम अनुज कुमार झा ने कहा है कि तहसीलों में न पहुंचने वाले लेखपालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी