रायबरेली। पुलिस से बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। जब भी ऐसा लगे कि पुलिस की सहायता की जरूरत है तो बिना डर व झिझक के पुलिस को अपना दोस्त मानकर अपनी बात कह सकती हैं। तत्काल आपको सहायता दी जाएगी।
यह अपील महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से बृहस्पतिवार को महिला थाने में दोस्त पुलिस अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में की। इस दौैरान महिला थाना प्रभारी ने परिसर में पहुंची राजकीय बालिका महिला महाविद्यालय प्रगतिपुरम की छात्राओं की जिज्ञासाओं को शांत किया। उन्होंने महिला हिंसा से संबंधित अपराधों की जानकारी दी।
छात्राओं से कहा कि संकट के समय पुलिस को दोस्त की तरह याद करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090, गुड टच बैड टच, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान, साइबर सुरक्षा, साइबर स्टाॅकिंग, साइबर ठगी से बचाव और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। शिकायत करने पर पुलिस पांच मिनट के भीतर सहायता के लिए उपलब्ध होगी। कॉल करने वाली छात्रा का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। छात्राओं को अपने साथ होने वाली किसी भी घटना को छिपाना नहीं चाहिए। उन्हें अभिभावक और पुलिस से खुलकर बात करनी चाहिए। डिजिटल दौर में मोबाइल फोन के उपयोग पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
महिला आरक्षी प्रभा तोमर ने छात्राओं को अनजान व्यक्ति के साथ निजी चित्र साझा न करने को कहा। वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियां भी किसी से साझा न करें। यदि गलती से ऐसा हो जाता है तो तत्काल साइबर थाने में शिकायत करें। महिला आरक्षी प्रीती मिश्रा ने भी छात्राओं को कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान थाना प्रभारी ने प्रत्येक छात्रा से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। इसके बाद उन्हें थाने के विभिन्न पटलों पर ले जाकर काम करने का तरीका समझाया। शिकायतों का निपटारा कैसे होता है, यह भी बारीकी से बताया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रीती तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर शिखा मौर्या, प्रियंका ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के इस पहल से छात्राओं को महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग के कार्यों की जानकारी हुई, जो एक अच्छा कदम है।
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मिशन शक्ति के गिनाए फायदेे
एसआई अर्चना सिंह ने किशोरियों के साथ होने वाले अपराध और उनसे बचकर रहने का तरीका बताया। उन्होंने छात्राओं से डरकर नहीं डटकर लड़ने की बात कही। अगर बेटियां डरेंगी नहीं तो उन्हें कोई खतरा नहीं पहुंचा सकता। हमेशा कोई मुसीबत आए तो हिम्मत से काम लें। पुलिस की मदद जरूर लें।
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थाने में आकर खत्म हुआ अंदर का डर
छात्राएं संध्या, तान्या सोनकर, खुशबू कुमारी, प्रिया ने कहा कि महिला थाने में आकर पुलिस के प्रति जो मन में डर था वह खत्म हो गया है। हम फिल्मों या समाज में इसकी छवि के बारे में सुनते और देखते हैं। इससे विपरीत पुलिस का चेहरा दिखाई दिया। सभी ने बहुत सहज तरीके से कानूनों व अधिकारों की जानकारी दी।
मीनाक्षी सिंह, श्वेता, सानिया बानो, कोमल पाल, अंशू, अंजली, महक बानो का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा व अपराधों के प्रति कानूनी कार्रवाई के लिए महिला पुलिस की भूमिका सराहनीय है। दोस्त पुलिस कार्यक्रम के जरिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां हुई, जिन्हें जानकर अच्छा लगा।