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अब लाडलों को मिलेगा घी, दूध और राशन

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रायबरेली। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं में बंटने वाला पोषाहार बंद हो गया है। अक्तूबर महीने में भी पोषाहार का वितरण नहीं हुआ है। कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए शासन ने नई स्कीम भी लांच कर दी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अब बच्चों को ड्राई राशन (गेहूं, चावल, दाल) के साथ ही देशी घी और दूध का पाउडर (पानी में मिलाकर घोलने वाला) दिया जाएगा। इसके लिए समूहों के चयन का काम शुरू हो गया है। शासन स्तर से समूहों का पंजीयन होने के बाद योजना शुरू हो जाएगी।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को हर महीने पोषाहार का वितरण कराया जाता था। अक्तूबर महीने से पोषाहार का वितरण बंद कर दिया गया है। साथ ही अब बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ड्राई राशन (गेहूं, चावल, दाल) के साथ ही देशी घी और दूध पाउडर देने का निर्णय लिया गया है। एनआरएलएम से जुड़े महिला समूहों को यह काम सौंपा गया है। समूह गांवों की कोटे की दुकानों से राशन प्राप्त करेंगे और को-ऑपरेटिव डेरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) से देशी घी, दूध पाउडर और बाजार से दाल खरीदेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरण करने के बाद उन्हें विभाग की ओर से भुगतान दिया जाएगा।
छह माह से तीन माह के बच्चे को प्रतिमाह एक किलो चावल, डेढ़ किलो गेहूं व 750 ग्राम दाल मिलेगी। साथ ही तीन महीने में एक बार 450 ग्राम देशी घी और 400 ग्राम स्किम्ड मिल्क (दूध पाउडर) मिलेगा। तीन वर्ष से छह वर्ष की उम्र तक के बच्चों को प्रति माह एक किलो चावल, एक किलो गेहूं और तीन महीने में एक बार 400 ग्राम दूध पाउडर मिलेगा। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों (छह माह से तीन वर्ष तक) को प्रतिमाह डेढ़ किलो चावल, ढाई किलो गेहूं, आधा किलो दाल और तीन माह में एक बार 900 ग्राम देशी घी व 750 ग्राम दूध पाउडर मिलेगा। गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं 11 से 14 वर्ष की उम्र की किशोरियों को प्रति माह एक किलो चावल, दो किलो गेहूं, 750 ग्राम दाल के साथ ही तीन महीने में एक बार 450 ग्राम देशी घी और 750 ग्राम दूध पाउडर दिया जाएगा।
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जिले के सभी 18 ब्लॉकों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ड्राई राशन, घी व पाउडर दूध बच्चों को उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए जल्द ही शासन को सूची भेज दी जाएगी। शासन से समूहों का पंजीकरण होने के कारण योजना शुरू हो जाएगी।- शैलेश त्रिपाठी, जिला मिशन प्रबंधक, एनआरएलएम
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