रायबरेली। पिछले दो साल में अधूरे प्रधानमंत्री आवास पूरे नहीं हो पा रहे हैं। समीक्षा में सबसे खराब प्रगति वाले ब्लॉकों के सात खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
आवासों को पूरा कराने के लिए परियोजना निदेशक ने सात जुलाई को खराब प्रगति वाले गांवों के सचिवों को तलब किया है। विकास भवन सभागार में सचिवों से जवाब मांगा जाएगा।
वर्ष 2020-21 में जिले को 20,380 पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला था। इसमें 20,075 आवास पूरे हो चुके हैं, लेकिन 305 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो पाए गए हैं।
इसी तरह वर्ष 2021-22 में जिले को 11,787 पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला। इसमें 11,205 आवास पूरे हो चुके हैं, लेकिन 582 आवास अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं।
चार्ज लेने के बाद परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने सबसे पहले पीएम आवास की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में महराजगंज, जगतपुर, सरेनी, सलोन, अमावां, लालगंज, राही ब्लॉकों में सबसे अधिक पीएम आवास अधूरे मिले।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि संबंधित महराजगंज, जगतपुर, सरेनी, सलोन, अमावां, लालगंज, राही ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर अब तक पीएम आवास पूरा न कराने के संबंध में जवाब मांगा है।
पीएम आवास पूर्ण कराने में सबसे खराब प्रगति वाले गांवों में तैनात सचिवों को सात जुलाई को तलब किया है। सभी को विकास भवन सभागार में पूरी रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। मामले में शिकंजा कसे जाने के बाद लापरवाहों में हड़कंप मच गया है।