डलमऊ (रायबरेली)। नरौरा बांध से छोड़े गए पानी के कारण कटरी में डलमऊ के सात व सरेनी के दो गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ने लगी है। मोहद्दीनपुर प्राथमिक स्कूल के पास पानी पहुंच गया।
केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार गंगा का जलस्तर 98.920 मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान 99.360 मीटर है। जलस्तर पांच घंटे में एक सेंटीमीटर की गति से बढ़ रहा है। सरेनी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का एसडीएम लालगंज ने निरीक्षण किया।
कटरी क्षेत्र के जमाल नगर मोहद्दीनपुर के राजू, कमलेश, रामखेलावन, मिश्रीलाल, संतोष कुमार, गौरीशंकर, रामशंकर व अंबिका ने बताया कि फसलें जलमग्न हो गई हैं। गांव के संजय त्रिवेदी, राकेश कुमार, संदीप कुमार, अजय बाबू व रघुवीर का कहना है कि बाढ़ के पानी से करीब एक हजार बीघे धान, उड़द व अन्य फसलें पानी में समा गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बीते साल बाढ़ से खराब हुई फसलों का मुवावजा नहीं दिया गया। किसानों को मुआवजे के नाम पर मात्र आश्वासन की घुट्टी पिला दी जाती है। एसडीएम सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि लेखपालों को बाढ़ क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में पानी घुसने लगा है, लेकिन अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं।
इन गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
डलमऊ के पूरे रेवती सिंह, अंबहा, बबुरा, पूरे घसुआ, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे पवारन व सरेनी के कुटिया एहतमाली, पूरे भुल्ली आदि गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी गांव में घुस गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई देखने तक नहीं आया।
पूरे भुल्ली गांव के निचले हिस्से में भरा पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर से सरेनी के कुटिया एहतमाली व पूरे भुल्ली गांव के लोगों को रात में नींद नहीं आ रही है। बाढ़ का पानी पूरे भुल्ली गांव के निचले हिस्से में भर गया है। पूरे सुकरू से निसगर जाने वाले खड़ंजा मार्ग में कमर के ऊपर से पानी बह रहा है। लोगों ने इस रास्ते से आवागमन बंद कर दिया है। साेमवार को एसडीएम लालगंज मिथलेश त्रिपाठी ने कुटिया एहतमाली गांव का निरीक्षण किया और बाढ़ चौकी में तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।