रायबरेली। आलमबाग डिपो के बस चालक के खिलाफ हरचंदपुर थाने में केस दर्ज किया गया है। चालक पर लापरवाही से बस चलाने का आरोप है।
एफआईआर लिखने के बाद पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि चालक की लापरवाही के चलते ही हादसा हुआ। गनीमत रही कि यात्रियों की जान बच गई।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टांडा गांव के पास सोमवार को ट्रक से टकराने के बाद आलमबाग डिपो की अनुबंधित बस आग का गोला बन गई थी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस डिवाइडर पार करके दूसरी तरफ चली गई। बस रायबरेली से लखनऊ जा रही थी और उस पर करीब 60 लोग सवार थे। हादसे में 15 लोग झुलस गए थे। इसमें कुछ यात्रियों को चोटें आईं थीं।
पुलिस और दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया था। घटना पर यात्रियों ने नाराजगी जताई थी। मामले में मंगलवार को बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
हरचंदपुर थानेदार उरेश सिंह ने बताया कि बछरावां निवासी व यात्री धीरेंद्र सिंह की तहरीर पर अज्ञात रोडवेज बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। धीरेंद्र का आरोप है कि चालक लापरवाही से बस चला रहा था। गाना सुनने के लिए ईयरफोन कान में लगा रहा था।
इस वजह से बस अनियंत्रित होकर ट्रक से टकराने के बाद आग का गोला बन गई। बड़ी मुश्किल में हम लोगों की जान बची। मामले में चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। थानेदार का कहना है कि हादसे की जांच थाने में तैनात दरोगा भरत सिंह को दी गई है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।