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मासूम के लिए जी का जंजाल बन गई डेढ़ बीघा जमीन, नानी के घर सो रही मासूम का चाचा ने रेत दिया गला

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रेशू के परिवार से पूछताछ करते एसपी श्लोक कुमार। - फोटो : RAIBARAILY
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डीह (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के गुलाबगंज मजरे खुरहटी गांव में डेढ़ बीघा जमीन के लिए सगे चाचा ने साथियों संग मिलकर भतीजी रेशू (12) की गला रेतकर हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह बालिका का शव बाग में पड़ा मिला।
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हत्या की जानकारी होने पर इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। एसपी श्लोक कुमार के साथ कई थानों की फोर्स पहुंची।
पुलिस ने घरवालों को समझाया और मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद घरवाले मानें और शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। बालिका की नानी ने उसके चाचा और उसके साथी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है।
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गुलाबगंज मजरे खुरहटी गांव निवासी शिवदेवी की बेटी भुल्लन की शादी दो दशक पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के पूरे दिपऊ मजरे अहियारायपुर निवासी रमेश कुमार के साथ हुई थी। इस दौरान दंपती के एक बेटी रेशू हुई। कुछ साल पहले दंपती की मौत हो गई थी। इसके बाद रेशू अपनी नानी के घर गुलाबगंज आकर रहने लगी।
नानी के मुताबिक गुरुवार रात रेशू का चाचा दिनेश कुमार निवासी पूरे दिपऊ मजरे अहियारायपुर अपने साथी जितेंद्र कुमार निवासी भोंदू का पुरवा मजरे अहियारायपुर के साथ गांव पहुंचा। दोनों ने घर के बाहर चारपाई पर सो रही रेशू को जबरन उठा लिया।
रोकने की कोशिश की तो दोनों ने नानी का मुंह दबाकर पिटाई की और बच्ची को उठा ले गए। इसके बाद गांव के पास ही दयाराम की बाग में ले जाकर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
डीह थानाध्यक्ष पवन प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका की नानी शिवदेवी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी चाचा और उसके साथी पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी चाचा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
चाचा की निगाह जमीन पर थी, अपने साथ रखना चाहता था
माता-पिता की मौत के बाद उनकी बेटी रेशू को परिवार के हिस्से में दिपऊ मजरे अहियारायपुर में सड़क के किनारे की कीमती जमीन मिलती। उसके हिस्से में डेढ़ बीघा जमीन थी।
जमीन को बचाने के लिए चाचा रेशू को अपने घर पर साथ रखना चाहता था, लेकिन रेशू नानी के साथ रहने की जिद करती रहती थी। नानी शिवदेवी ने बताया की उसकी तीन बेटियां पार्वती, भुल्लन और लल्ली हैं। तीनों का विवाह कर दिया है। इसमें भुल्लन की मौत के बाद रेशू उसके पास रहने लगी थी। नातिन पढ़ने के साथ उसके काम में हाथ बंटाती थी।
नातिन को खूब पढ़ाना चाहती थी
गुलाबगंज मजरे खुरहटी में रखकर नानी नातिन रेशू को खूब पढ़ाना चाहती थी। रेशू पढ़ने में होशियार थी। नानी ने उसका एडमीशन खुरहटी के एक प्राइवेट विद्यालय में कराया था और कक्षा पांच तक पढ़ने के बाद इस बार कक्षा छह में जूनियर हाईस्कूल खुरहटी में एडमीशन कराया था। स्कूल बंद होने के कारण वह घर पर रहकर पढ़ती थी ।
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