रायबरेली। वर्ष 2012 में रूपामऊ स्टेशन पर केबिनमैन की हत्या के मामले में फरार शातिर अपराधी को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी ) ने गुजरात में दबोच लिया। आरोप पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी फतेहपुर जिले का रहने वाला है, जिसके खिलाफ फतेहपुर जिले में भी पांच मामले दर्ज है।
पिछले 13 साल से पुलिस तलाश कर रही थी, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। मुखबिर से गुजरात में छिपे होने की सूचना मिली तो सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार किया गया। जीआरपी ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश संत कुमार को गुजरात के अहमदाबाद में थलरेज स्थित थलरेज के पास दबोच लिया। आरोपी फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के नौगांव का रहने वाला है। यह धरपकड़ 12 फरवरी को हुई।
अहमदाबाद की कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद शनिवार को रायबरेली लाया गया तो जीआरपी ने इसका खुलासा किया। जीआरपी के मुताबिक आरोपी के खिलाफ बीती पांच फरवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्थायी वारंट जारी किया था। जीआरपी थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाने में भी गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या समेत पांच मामले दर्ज हैं।
हुसैनगंज में दर्ज वर्ष 1995 के एक मामले में फतेहपुर कोर्ट से दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है। वर्ष 2012 में रायबरेली में दर्ज मामले में गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन आरोपी छिप-छिपा कर रह रहा था। परिवार वाले भी घर से गायब थे, जिससे कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था।
जीआरपी प्रभारी ने बताया कि 30 नवंबर 2012 को रूपामऊ स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान केबिनमैन कालीचरण की तार से गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। अज्ञात में मामला दर्ज हुआ था। जांच में कन्हैया कुमार, संतोष कुमार और संत कुमार को हत्यारोपी पाया गया। इस पर कन्हैया कुमार और संतोष कुमार पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन संत कुमार फरार हो गया था। मुखबिर से पता चला कि आरोपी अहमदाबाद में देखा गया है। इसके बाद लखनऊ की सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया।