शहर के रेलवे स्टेशन पर धूप में बैठे यात्री।
रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी हर रोज बढ़ती जा रही है। रात की दो ट्रेनों के इंतजार में सुबह हो गई। पूरी रात यात्रियों ने इंतजार किया। नई दिल्ली-बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 11 घंटे और बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस पांच घंटे लेट रही। ये दोनों ट्रेनें मंगलवार रात आनी थी, लेकिन लेटलतीफी की वजह से बुधवार सुबह आईं। कोहरा और सर्द हवाओं के कारण यात्री ठिठुरते नजर आए। दोपहर में ज्यादातर यात्री धूप में बैठे दिखे।
बुधवार को टनकपुर-सिंगरौली त्रिवेणी एक्सप्रेस और देहरादून-बनारस जनता मेल निरस्त होने के कारण नहीं आई। दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस व लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर चार घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस व अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल साढ़े तीन घंटे, चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस सवा दो घंटे, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस दो घंटे, प्रयागराज-चंडीगढ़ ऊंचााहर एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल, प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर व कानपुर-प्रयागराज पैसेंजर एक घंटे विलंब से आई।
सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस व प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस पौन घंटे, प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस, बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस, मुंबई-प्रतापगढ़ उद्योग नगरी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से पहुंची। रायबरेली-रघुराज सिंह पैसेंजर, रघुराज सिंह-रायबरेली पैसेंजर, ऊंचाहार-रायबरेली पैसेंजर आधे घंटे देर से चली। मंगलवार रात प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर दो घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे और वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौन घंटे देर से पहुंची।