रायबरेली। कई सालों से बदहाल सड़कों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि 2022 तक यह सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इन सड़कों का निर्माण 92 करोड़ रुपये खर्च कर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करा रहा है। इनके बनने से 30 हजार लोगों को सहूलियत होगी।
सालों से खस्ताहाल 23 सड़कें कायाकल्प के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को हैंडओवर की गई है। इन सड़कों के बदहाल होने से लोगों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
राही ब्लॉक क्षेत्र के कलसहा से तमोलिन का अड्डा वाया खनुवा, नथईपुर करीब पांच किलोमीटर मार्ग करीब 15 साल से बदहाल था। इस मार्ग से लोगों को आवागमन परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस रास्ते से चार पहिया वाहन भी नहीं निकल पाते थे।
यही हाल डलमऊ राजमार्ग से बेद होते हुए उतरपाता वाया तुलसीदास मार्ग का था। बरसात में लोगों का निकलना मुश्किल था। यही हाल दूसरी सड़कों का भी था। अब इन सभी सड़कों पर नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है।
ग्रामीण अभियंत्रण का दावा है कि मार्गों पर गिट्टियों की कुटाई समेत अन्य पूरा काम करा लिया गया है। अब पटरी की भराई होने के बाद डामरीकरण कराया जाना है। नए साल में लोग इन सड़कों पर फर्राटा भर सकेंगे।
जांच में मानकों पर खरी उतरी सड़कें
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़कों की निगरानी न सिर्फ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता कर रहे हैं, बल्कि नेशनल और राज्य क्वालिटी मॉनीटर की टीमें हर महीने जांच कर रही है। पिछले महीने 25 अक्तूबर को संतोष कुमार निरंजन की अगुवाई में स्टेट क्वालिटी मॉनीटर की टीम जांच करने आई थी। टीम को जांच में सब कुछ ठीकठाक मिला।