एम्स में आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग।
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बच्चों के लिए आधुनिक वीडियो यूरोडायनेमिक्स जांच सुविधा शुरू की है। यह जांच मूत्राशय और मूत्र मार्ग की कार्यप्रणाली का आकलन करती है।
यह मूत्राशय के भीतर दबाव मापती है और एक्सरे इमेजिंग से वास्तविक समय की जानकारी देती है। यह उन बच्चों के लिए उपयोगी है जिन्हें बार-बार मूत्र संक्रमण, पेशाब में कठिनाई या नियंत्रण न होने जैसी समस्याएं हैं। निदेशक अमिता जैन ने बताया कि यह जन्मजात मूत्र मार्ग विकृतियों और न्यूरोजेनिक ब्लैडर जैसी जटिल समस्याओं का सटीक कारण बताती है, जिससे उचित उपचार योजना बनाने में सहायता मिलती है। इस जांच का मुख्य लाभ बच्चों की किडनी की सुरक्षा करना है।
यह मूत्राशय के असामान्य दबाव से किडनी को होने वाले स्थायी नुकसान का समय रहते पता लगाती है, जिससे भविष्य में डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की संभावना कम होती है। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि पहले क्षेत्र के बच्चों को जांच के लिए लखनऊ, वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से मरीजों को समय पर जांच, शीघ्र उपचार और बेहतर अनुवर्ती देखभाल मिलेगी।