रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार में बिजली बनाने के लिए सीवर के पानी के प्रयोग का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने जल निगम को एनओसी दे दी है। ऐसे में इसी साल पाइपलाइन बिछाने के काम की शुरुआत होगी। साल 2023 से पाइपलाइन के जरिये एनटीपीसी ऊंचाहार तक पानी पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। अब जाकर इस कार्य के धरातल पर उतरने की बारी आई है।
दरअसल, केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की टैरिफ पॉलिसी-2016 में वेस्ट वाटर (खराब पानी) को पुन: उपयोग में लाए जाने का निर्देश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि वेस्ट वाटर को शुद्ध करके इसका प्रयोग जिले के किसी इंडस्ट्री (उद्योग) में किया जाए। शासन के निर्देश पर जल निगम ने एनटीपीसी ऊंचाहार को सीवर का पानी सप्लाई करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। सीवर पानी की सप्लाई के लिए शहर के गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से एनटीपीसी ऊंचाहार तक 40 किमी लंबी लाइन बिछाई जानी है।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब दो अरब रुपये का खर्च होने का प्रस्ताव बना है। इसका वहन एनटीपीसी करेगी। पाइपलाइन बिछाने के लिए जल निगम ने सिंचाई विभाग से एनओसी मांगी थी। अब सिंचाई विभाग ने एनओसी दे दी है। अफसरों के मुताबिक वाहनों को धोने, उद्योगों के संचालन समेत अन्य कार्यों में लोग हैंडपंपों, नलकूपों से निकले शुद्ध पेयजल का प्रयोग करते हैं।
इससे काफी पानी की बर्बादी होती है। वेस्ट वाटर का प्रयोग जब बिजली बनाने के लिए होने लगेगा तो हैंडपंपों, नलकूपों से निकलने वाले शुद्ध पेयजल की बचत हो सकेगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता अफजल खान ने बताया कि सिंचाई विभाग से एनओसी मिल गई है। इसी साल पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। शेष प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
सई में छोड़ा जा रहा 40 लाख लीटर पानी
शहर के सीवर के पानी को एसटीपी में शुद्ध करने के बाद नदी में छोड़ा जाता है। एसटीपी की क्षमता 80 लाख लीटर की है, जबकि मौजूदा समय में करीब 40 लाख लीटर वेस्ट वाटर को शुद्ध किया जा रहा है। इस पानी की आपूर्ति एनटीपीसी ऊंचाहार को होगी तो पानी से बिजली बनाने के साथ ही शुद्ध पेयजल की बचत भी होगी।
सिंचाई के बचेगा पानी
सीवेज के पानी का इस्तेमाल एनटीपीसी में बिजली के उत्पादन के लिए बायलर में किया जाएगा। वर्तमान में बायलर के लिए पानी शारदा सहायक नहर या फिर डलमऊ पंप कैनाल से लिया जाता है।
यहां से एनटीपीसी को 2800 लीटर पानी प्रति सेकंड उपलब्ध कराया जाता है। सिंचाई खंड दक्षिणी के सहायक अभियंता चेतन सक्सेना ने बताया कि यदि शहर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से एनटीपीसी को पानी उपलब्ध होने लगेगा तो शारदा सहायक नहर और डलमऊ पंप कैनाल का पानी किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए मिल सकेगा। ऐसे में सिंचाई के लिए पानी बचेगा।