एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को कांग्रेस नेताओं पर हमला कराना और सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि केएल शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना महंगा पड़ गया। उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला के मुताबिक शीर्ष नेतृत्व के निर्देेश पर ये कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव एवं प्रदेश के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को अवगत करा दिया गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष वी. के. शुक्ल की ओर से जारी किए गए निलंबन पत्र में कहा गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद एमएलसी ने जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मनोज कुमार पासवान को अपने आवास नेवाजगंज ले जाकर मारापीटा।
कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करके निवास में प्रताड़ित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद मेरे समेत अमेठी जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सईदुल हसन के साथ कई वरिष्ठ पदाधिकारी बधाई देेने एमएलसी के आवास पर पहुंचे तो जानलेवा हमला कराया गया।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि एमएलसी ने प्रेस वार्ता में संगठन के उच्चस्थ पदाधिकारियों के संबंध में अनर्गल, अमर्यादित एवं झूठे आरोप लगाए। कई बार कहने के बावजूद एमएलसी ने संगठन विरोधी गतिविधियां बंद नहीं की। इसलिए जिला कांग्रेस कमेटी ने तत्काल प्रभाव से उनको कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है।
जिला पंचायत सभागार में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश प्रताप सिंह ने कहा कि उनको और परिवार को साजिशन बदनाम किया जा रहा है। विपक्ष लगातार हमले कर रहा है। कहीं पर तहरीर दी जा रही है तो कहीं पर मुकदमा लिखाया जा रहा है।
एमएलसी और अध्यक्ष मीडिया से रू-ब-रू थे। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से कुर्सी बची है, उन जिला पंचायत सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। यही नहीं जो सदस्य उनको बदनाम कर रहे हैं। मुकदमा लिखने के लिए तहरीर दे रहे हैं। ऐसे लोग जनता के साथ धोखा कर रहे हैं। इन लोगों को विकास कार्य कराने के लिए चुना गया न कि राजनीति करने के लिए।