चार वर्ष से शिक्षिका और आठ साल से शिक्षक का पता नहीं लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी चुप हैं। कार्रवाई के नाम पर निलंबित करने के बाद उन्हें आधा वेतन भी दे रहे हैं।
गुरुवार को बीएसए ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो सच्चाई सामने आई। शिक्षिका को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हरचंदपुर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल मदनटूसी में तैनात शिक्षिका गीता मासीवाल को 27 नवंबर 2012 को निलंबित किया गया था।
इससे पहले शिक्षिका 747 दिन मेडिकल पर रही। 191 दिन सीसीएल की छुट्टी ली। छह महीने मातृत्व लाभ की छुट्टी ली। 27 जनवरी 2008 से शिक्षिका लगातार किसी ने किसी बहाने छुट्टी पर रही।
एक जुलाई 2011 से गैरहाजिर होने के बाद उसे नवंबर 2012 में निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद विभाग को गत वर्षों में शिक्षिका का पता लगाने का प्रयास नहीं किया।
उसे मनमाने तरीके से वेतन दिया गया और निलंबन के बाद आधा वेतन उसे दिया जा रहा है। बीएसए ने गुरुवार को निरीक्षण के बाद शिक्षिका की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
महराजगंज क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक स्कूल कैड़ावा से शिक्षक बिंधा प्रसाद सितंबर 2008 से लापता हैं। वे भी निलंबन के बाद आधा वेतन ले रहे हैं।
विभाग ने कार्रवाई करने के बारे में आज तक विचार नहीं किया। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि जानकारी एकत्र की जा रही है। संबंधित की सेवाएं समाप्त कराई जाएगी।