रायबरेली। बाल न्यायालय/विशेष न्यायालय पाक्सो अधिनियम प्रथम ने एक नाबालिग की तरफ से पेश जमानत अपील सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। नाबालिग पर पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड रायबरेली के 27 मई 2026 के आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें जमानत अर्जी निरस्त की गई थी। यह अपील नाबालिग की मां की तरफ से दायर की गई थी।
इसमें कहा गया था कि नाबालिग को झूठे आरोपों में फंसाया गया है और वह निर्दोष है। नाबालिग की मां ने उसके शारीरिक और मानसिक विकास पर खतरे का हवाला दिया था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसका नाबालिग से इंस्टाग्राम पर संपर्क हुआ था। दोनों ने चंडीगढ़ में मंदिर में शादी की थी और लगभग डेढ़ महीने तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे थे। जिला प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट में भी प्रेम प्रसंग की पुष्टि हुई थी। (संवाद)