डलमऊ तहसील क्षेत्र से होकर निकली धर्मापुर माइनर उफनाकर कट गई। इससे करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
किसानों ने माइनर को बांधने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इससे उनमें जबरदस्त नाराजगी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द माइनर की कटान को नहीं बंधवाया गया तो और फसल जलमग्न हो जाएगी।
एनटीपीसी गंग नहर से निकली धर्मापुर माइनर की सफाई कई सालों से नहीं कराई गई है। इससे झाड़ झंकार से माइनर पट गई है। माइनर में कई दिनों पानी आ रहा है, लेकिन रात में कुछ ज्यादा पानी छोड़ दिया गया है।
इससे माइनर उफना गई। खोदायपुर गांव के पास माइनर की दाहिनी पटरी कट गई। बहाव तेज होने के कारण आसपास के खेतों में 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। सुबह किसान खेतों की तरफ गए तो खेतों में लबालब पानी भरा था।
सभी ने मिलकर बांधने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह कटान को नहीं बांध सके। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
किसानों ने बताया कि धान की फसल पक कर तैयार है। कुछ किसान धान की फसल काट रहे हैं। यदि समय रहते माइनर को नहीं बंधवाई गई तो धान की फसल खराब हो जाएगी। किसान गोपाल, आनंद, जगन्नाथ, सुरेश, मुन्नू आदि ने बताया कि धान की फसल को गिरने की आशंका है। यदि हवा चल गई तो फसल पानी में गिर जाएगी।