रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में 82 विद्यालयों का विलय खत्म कर दिया गया है, जबकि दो स्कूलों के विलय में संशोधन किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राहुल सिंह ने 82 स्कूलों को अनपेयर करने और दो स्कूलों की पेयरिंग में संशोधन संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि अनपेयर वाले यानी विलय समाप्ति वाले स्कूलों का पहले की तरह संचालन कराएं। कम छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों का नजदीकी स्कूल में विलय करने का विरोध हुआ था। विलय के चलते बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हुई थी। जिले में पहले चरण के अंतर्गत 124 स्कूलों का विलय किया गया था। इसके बाद विरोध होने के कारण प्रक्रिया लटकी रही।
इसी बीच शासन स्तर से विलय के दौरान कई बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया। इसीलिए जिले में विलय किए जा चुके स्कूलों का फिर से परीक्षण कराया गया। दूरी अधिक होने, रास्ते की समस्या समेत अन्य दिक्कतों के बारे में जानकारी की गई। नए निर्देशों के अनुरूप जिन स्कूलों का विलय गलत हो गया था, उनका विलय खत्म करने का आदेश अब जारी कर दिया गया है। अब ये स्कूल पहले की तरह अपने ही परिसर में संचालित होंगे। बीएसए ने बताया कि पेयरिंग में संशोधन और अनपेयर करने का आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया गया है।
इन विद्यालयों पर पड़ेगा प्रभाव
जिन 82 विद्यालयों को अनपेयर किया गया है, उनमें विकास क्षेत्र सलोन के सात, डलमऊ का एक, रोहनिया का एक, छतोह के छह, डीह के दो, सरेनी के चार, खीरों के दो, राही के तीन, अमावां के नौ, हरचंदपुर के पांच, बछरावां के तीन, लालगंज के छह, दीनशाह गौरा के छह, महराजगंज के तीन, जगतपुर का एक, शिवगढ़ के आठ, ऊंचाहार के छह और सतांव विकास क्षेत्र के नौ स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्कूलों का विलय समाप्त हो गया है।
दो स्कूलों के विलय में संशोधन हुआ है। सरेनी के प्राइमरी स्कूल नीबी-प्रथम का विलय प्राइमरी स्कूल नीबी-द्वितीय की जगह उच्च प्राथमिक विद्यालय नीबी में किया गया है, जबकि हरचंदपुर के प्राइमरी स्कूल पूरे पंडित के बच्चों को कंपोजिट स्कूल अजमत उल्लागंज की जगह प्राइमरी स्कूल पूरे परसाद में जाना होगा।