डीह में सीएचसी के पास मौलाना की हत्या के बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व भीड़।
डीह। बेटी को ससुराल से लेकर घर जा रहे मौलाना मुर्तजा (45) की शुक्रवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो गोली मौलाना के कनपटी पर मारी गई। बेटी और बेटे ने भागकर जान बचाई। दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। पिता-पुत्र ने चार साथियों के साथ मिलकर रंजिश में वारदात की। पुलिस अफसरों ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर छह हत्यारोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
नसीराबाद थाना क्षेत्र के उत्तरी पाठक मजरे बिरनावां गांव निवासी मौलाना मुर्तजा (45) पुत्र मुस्तफा पूरे जालिम गांव स्थित मदरसा में शिक्षक थे। शुक्रवार को मुर्तजा अपने बेटे मो. सोफियान के साथ बड़ी बेटी इशरतजहां की ससुराल सरदार का पुरवा मजरे रोखा गांव आए थे। दोपहर बाद शाम करीब तीन बजे मुर्तजा बाइक से बेटी इशरजहां को लेकर घर जा रहे थे।
बेटा सोफियान दूसरी बाइक से उनके पीछे था। सीएचसी डीह स्थित नहर के पास सुनसान रहता है। पहले से घात लगाए बैठे छह हमलावरों ने नहर के पास मौलाना को रोक लिया। डर के मारे मौलाना भागे तो हमलावरों ने उन्हें दौड़ा लिया। कुछ दूरी पर जाकर हमलावरों ने गोली मारकर मुर्तजा की हत्या कर दी। बेटा-बेटी भाग खड़े हुए और कुछ दूर जाकर घटना की सूचना पुलिस को दी।
मौलाना की हत्या की वारदात की जानकारी पर पुलिस अफसर व कई थानों की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। मृतक के चचेरे भाई मो. हफीज के मुताबिक दो साल पहले खड़ंजा लगाने को लेकर गांव निवासी अयूब से मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों के खिलाफ नसीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी रंजिश के चलते मो. अयूब ने अपने बेटे मो. नईम के अलावा जब्बार, मो. मुर्तजा पुत्र सलामत, मो. जुबैर, मो. रफीक के साथ मिलकर मुर्तजा की हत्या की है।
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि मौलाना की हत्या के मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीह, सलोन, नसीराबाद थानों की पुलिस के अलावा एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया गया है। वारदात के सही कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार किए जाएगा।