रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह का नाम शुक्रवार को एफआईआर में बढ़ा दिया गया। गिरफ्तार होमगार्ड को अब शनिवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट, लखनऊ में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। पूछताछ में होमगार्ड ने बताया कि सलोन में तैनात कई अधिकारी व कर्मचारी भी अवैध वसूली का पैसा लेते थे। इसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। ऐसे में उसके साथ ही बाकी पर भी कार्रवाई की जाए।
होमगार्ड के इस खुलासे के बाद परिवहन व पुलिस विभाग के अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है।डीह थाने में रायबरेली के एआरटीओ, पीटीओ के दो चालकों समेत 23 के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। इस मामले में पुलिस ने महेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र सरोज को जेल भेजा है। डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि सलोन कोतवाली क्षेत्र के सूची निवासी एवं होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ बीपी की अवैध वसूली के मामले में संलिप्तता पाई गई है। विश्वनाथ का नाम सामने आने के उसे भी एफआईआर में शामिल किया गया है। वह काफी समय से सलोन कोतवाली में तैनात था, लेकिन इस समय डयूटी नहीं कर रहा था। होमगार्ड का नेटवर्क रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर समेत अन्य जनपदों में था। वह लकड़ी ठेकेदार भी है।
होमगार्ड से जुड़े थे सफेदपोश नेता
एसपी डॉ.यशवीर सिंह की ओर से होमगार्ड के बारे में जांच कराई गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। बताया जा रहा है कि होमगार्ड व्हाटसएप के जरिए रायबरेली के अलावा अन्य अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव, लखनऊ जिलों के लकड़ी ठेकेदारों, अवैध वसूली से जुड़े लोगों, राजस्वकर्मियों व पुलिसकर्मियों से लेनदेन की बात करता था। तत्कालीन सीओ विनीत सिंह ने एक बार होमगार्ड के खिलाफ सख्ती दिखाई थी पर उनके हटने के बाद होमगार्ड का अवैध कारोबार फिर फलने लगा। एसपी की सख्ती से इस मामले में जल्द ही कई और लोगों पर शिकंजा कस सकता है।