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दो पूर्व विधायक समेत कई कांग्रेसी हिरासत में लिए गए, रिहा

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रायबरेली। किसान बिल के विरोध को लेकर जिले में सोमवार को गहमागहमी रही। लखनऊ जा रहे दो पूर्व विधायक समेत कई कांग्रेसियों को हिरासत में लिया गया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों में कहासुनी भी हुई।
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कांग्रेस नेता एवं प्रतापगढ़ जिले के पट्टी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राम सिंह पटेल प्रतापगढ़ से लखनऊ किसान बिल के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसकी जानकारी होते ही सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी और सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह ने पुलिस टीम के साथ लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रिपुला चौराहा के पास पूर्व विधायक को रोककर हिरासत में ले लिया।
उनको पहले त्रिपुला चौकी पर बैठाया और फिर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस ले जाया गया। यहां पर कुछ देर बाद उन्हें इस आश्वासन पर रिहा किया गया कि वह अब लखनऊ नहीं जाएंगे। इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों के साथ केंद्र सरकार गलत कर रही है। इसका तीखा विरोध किया जाएगा। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक सरेनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस विधायक अशोक सिंह अपने साथियों के साथ लखनऊ में धरना-प्रदर्शन के लिए जा रहे थे।
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पूरे पांडेय भोजपुर मार्ग स्थित मदन गांव मोड़ पर सरेनी पुलिस ने पूरे काफिले को लखनऊ जाने से रोक दिया। सभी को हिरासत में लेकर सिंचाई विभाग के डाक बंगला लालगंज रखा गया। थानेदार रवेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक समेत 62 लोगों को नजरबंद किया गया था। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व कांग्रेसी लखनऊ जा रहे थे।
इसकी जानकारी होते ही कोतवाल पंकज तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस सभी कांग्रेसियों को कोतवाली ले आई और बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। अरुण प्रताप सिंह, सुदामा तिवारी, रेखा विश्वकर्मा मौजूद रहे।कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विनय द्विवेदी ने कहा कि पूर्व विधायकों और कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को लखनऊ न जाने देना, हिरासत में लेना और नजरबंद करना लोकतंत्र पर कुठाराघात है।
भाजपा सरकार की जितनी आलोचना की जाए, उतनी कम है। सरकार की सख्ती के बावजूद कांग्रेसी जनता के हितों को लेकर आवाज बुलंद करते रहेंगेे। खाकी की सतर्कता के बाद भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में भारी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए। जहां पर कार्यकर्ताओं ने किसान बिल के विरोध में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी। ‘अमर उजाला’ से फोन पर बातचीत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि लखनऊ में हुए विरोध-प्रदर्शन में रायबरेली से करीब 500 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
लालगंज में सिंचाई विभाग के डाक बंगले में सरेनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अशोक सिंह ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र मर गया है। कोई विरोध प्रदर्शन भी नहीं कर सकता है। सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। सरकार की ओर से पारित बिल किसान विरोधी है। एसडीएम जीतलाल ने बताया के पूर्व विधायक अपने एक समर्थकों के साथ 10-15 गाड़ियों से लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। जिन्हें रोका गया है। जिले में धारा 144 लागू है। पूर्व विधायक के साथ राजन मिश्रा, लाखन सिंह, राजेश कुमार सिंह, गिरीश चौहान, अजीजुल रहमान आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता थे।
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