रायबरेली। जिले की 988 ग्राम पंचायतों में पिछले साल मनरेगा में कराए गए कार्यों की सोशल ऑडिट हुई। करीब 200 ग्राम पंचायतों में 54.45 लाख से अधिक का घपला सामने आया, लेकिन संबंधित प्रधानों व सचिवों ने घपले की धनराशि अब तक जमा नहीं की है।
मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को नोटिस जारी कर गबन की गई धनराशि वसूली के आदेश दिए गए हैं। समय से वसूली न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी से घपलेबाजों में हड़कंप है।
जिले में वर्ष 2014-15 से वर्ष 2021-22 के बीच मनरेगा से कराए गए कार्यों की सोशल ऑडिट कराई गई तो लाखों का मामला सामने आया।
वर्ष 2014-15 में जगतपुर में 202079 रुपये और रोहनियां में 106296 रुपये का घपला सोशल ऑडिट में मिला, लेकिन धनराशि अब तक जमा नहीं की गई। वर्ष 2015-16 में जगतपुर में ही 229400 रुपये घपले के बाद अब तक धनराशि घपलेबाजों ने जमा नहीं कराई।
2017-18 में ऊंचाहार में 77016 रुपये और सरेनी में 16120 रुपये गबन के बाद जमा नहीं किए गए। पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक गबन के मामले में सोशल ऑडिट में पकड़ में आए, लेकिन संबंधित प्रधानों व सचिवों ने धनराशि अब तक जमा नहीं की है। मामले में सभी एपीओ को नोटिस देकर घपले की धनराशि जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
पिछले सात साल में मनरेगा से कराए गए कार्यों की सोशल ऑडिट में 54.45 लाख रुपये से अधिक का घपला पकड़ में आया। अब गबन की गई धनराशि जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। मामले में सभी एपीओ को धनराशि की वसूली कराने के आदेश दिए गए हैं।
- जीपी कुशवाहा, उपायुक्त मनरेगा