लालगंज के साधन सहकारी संघ में लगा ताला।
नसीराबाद। विकास खंड छतोह की साधन सहकारी समितियों में सचिवों और केंद्र प्रभारियों की हड़ताल के चलते 22 अक्तूबर से ताले लटके हैं। कांटा भेलिया, परैया नमकसार, बेवल, बारा, नसीराबाद, छतोह, कासिमपुर और जायस नंबर दो की समितियों में कामकाज ठप है। इससे किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। आलू, गेहूं और सरसों की बोआई के समय डीएपी की मांग बढ़ गई है, लेकिन समितियां बंद होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
बी-पैक्स कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक संजय तिवारी ने बताया कि सचिव और केंद्र प्रभारी वेतन संबंधी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। मांगें पूरी होने तक समितियों के ताले नहीं खुलेंगे। उधर, सहकारिता विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर जिला सहकारी तहसील प्रभारी विजय मिश्र ने बताया कि सलोन तहसील के तीनों विकास खंडों के सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द समितियां खुलेंगी और खाद वितरण सामान्य हो जाएगा।
निजी दुकानों से खरीद रहे खाद
लालगंज। विकासखंड क्षेत्र की नौ साधन सहकारी समितियों पर भी ताले लटके हैं। सचिवों की हड़ताल से खाद वितरण बंद है। सरसों की बोआई चल रही है और किसान गेहूं की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में खाद नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
किसान मुकेश त्रिवेदी ने बताया कि हर सीजन में खाद की समस्या सामने आती है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की पैदावार प्रभावित होती है। एडीओ कोऑपरेटिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि सचिवों की हड़ताल के कारण समितियों से खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है।
लालगंज के साधन सहकारी संघ में लगा ताला।