रायबरेली। जिले के गांवों में तैनात आशा बहुओं पर शिकंजा कसा गया है। डीएम ने काम न करने वाली आशा बहुओं की सूची तलब की है। संबंधित आशाओं को हटाकर उनके स्थान पर काम करने वाली आशा बहुओं को रखा जाएगा।
जिले में 1300 से अधिक आशा बहुएं तैनात हैं। गांवों में प्रसूताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के साथ ही शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने की जिम्मेदारी आशा बहुओं को दी गई है। गांवों में अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी लोगों तक पहुंचाती हैं। काम के एवज में आशाओं को भुगतान दिया जाता है। जिले में तमाम ऐसी आशा बहू हैं जो काम नहीं कर रही हैं। अब काम न करने वाली आशा बहुओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में काम न करने वाली आशा बहुओं की सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आशाओं से शत प्रतिशत उनके कार्य कराए जाएं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि अधीक्षकों के स्तर से आशा बहुओं की सूची आने के बाद डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी।