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शराब कांड : 10 मौतों का गुनाहगार प्रधान निकला, पुलिस कर रही तलाश

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रायबरेली। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए शराब कांड मामले में रसेहता का ग्राम प्रधान केतन 10 मौतों का जिम्मेदार निकला। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रधान की तरफ से दी गई शराब को पीने से ही लोगों की जान गई।
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जांच में प्रधान का नाम सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रहीं हैं लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ सका है। देसी शराब के सेल्समैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ठेकेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आरोपी प्रधान की ससुराल प्रतापगढ़ में है। ऐेसे में आशंका जताई जा रही है कि जिस शराब के पीने से लोगों की मौतें हुईं हैं, वह शराब कहीं प्रतापगढ़ जिले से तो नहीं मंगाई गई थी।
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महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में विंडीज ब्रांड की देसी शराब पीने से महिला समेत दस लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में र्दो इंट-भट्ठा श्रमिक भी थे।
मामले में पहाड़पुर के ग्राम प्रधान मथुरा प्रसाद यादव की तहरीर पर सरकारी देसी शराब के ठेकेदार एवं महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पोत राम का पुरवा गांव निवासी धीरेंद्र सिंह और सेल्समैन राम प्रताप के खिलाफ हत्या, आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में महराजगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में गुरुवार को ही पुलिस ने ठेकेदार व सेल्समैन को हिरासत में ले लिया था।
पुलिस के मुताबिक ठेकेदार व सेल्समैन से पूछताछ में पता चला है कि महराजगंज क्षेत्र के रसेहता ग्राम प्रधान केतन ने 24 जनवरी को विंडीज ब्रांड की शराब की दो पेटियां बेचने के लिए उन्हें दी थी। वैसे तो प्रधान के नाम पर ठेका नहीं है, लेकिन गांव स्थित देसी शराब का ठेका वही संचालित करता है।
प्रधान की तरफ से दी गई शराब के पीने से ही लोगों की मौतें हुईं थीं। प्रधान की ससुराल प्रतापगढ़ जिले में हैं। ऐसे में प्रतापगढ़ से विंडीज ब्रांड की नकली शराब लाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
सेल्समैन व ठेकेदार की पूछताछ में प्रधान का नाम सामने आने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत कई पुलिस टीमें लगाई गईं हैं। मामले में सेल्समैन को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं हिरासत में लिए गए ठेकेदार से पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
लखनऊ में भर्ती सभी खतरे से बाहर
शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने पर 10 लोगों को इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया था, जहां पर अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती 27 लोग पूरी तरह से स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
देसी शराब की तीन दुकानें निरस्त
देसी शराब की तीन दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। एसपी के मुताबिक शंकरगंज मनेहरू में आरोपी ठेकेदार धीरेंद्र सिंह के नाम से देसी शराब की दुकान, जबकि पहाड़पुर में आरोपी ठेकेदार के साढ़ू राजू के नाम से संचालित देसी शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। वहीं आरोपी रसेहता में अरशद खान के नाम से देसी शराब का ठेका संचालित था, लेकिन उस दुकान का संचालन आरोपी ग्राम प्रधान कर रहा था। इस दुकान का भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
महराजगंज में हुए शराब कांड के मामले में रसेहता ग्राम प्रधान केतन की भूमिका सामने आई है। पूछताछ में पता चला है कि प्रधान की तरफ से दी गई शराब को पीने से लोगों की मौतें हुईं थीं। उसकी ससुराल प्रतापगढ़ में है। सेल्समैन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है। तीन देसी शराब की दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गइं हैं। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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श्लोक कुमार, एसपी
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