रायबरेली।10 साल की बच्ची की मौत के बाद सील किए गए वेदांता नर्सिंगहोम के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। बिना पंजीयन संचालित शाश्वत नर्सिंगहोम में बच्ची की मौत हुई थी। आरोप है कि वेदांता नर्सिंगहोम के संचालक ने ही बच्ची को शाश्वत नर्सिंगहोम में सर्जरी के लिए रेफर किया था।
प्रतापगढ़ जिले के पूरे बोधी, अगई लालगंज अझारा निवासी शरद कुमार सिंह की 10 वर्षीय बेटी शिवानी को बीती 29 जून को जेल रोड स्थित शाश्वत नर्सिंगहोम में सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था। 30 जून को ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे लखनऊ के एक अस्पताल में कोमा की हालत में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में बच्ची के पिता की तहरीर पर वेदांता नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. निशांत सिंह, शाश्वत नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. अमित सिंह और शाश्वत नर्सिंगहोम के तीन अन्य स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रायबरेली विकास प्राधिकरण ने पहले शाश्वत नर्सिंगहोम और बाद में वेदांता नर्सिंगहोम को सील किया। दोनों अस्पतालों के भवन सील किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वेदांता नर्सिंगहोम के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है।
सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि आरडीए की रिपोर्ट मिलते ही अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।