ऊंचाहार। नगर के रेलवे स्टेशन पर खंडहर हो चुकी रेलवे काॅलोनी को ध्वस्त करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बार फिर पत्राचार किया है। ये कॉलोनी अराजक तत्वों का ठिकाना बन चुकी है, जिससे रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खतरा है। इसे ढहाए जाने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। हाल ही में फिर पत्र भेजकर जर्जर भवनों को ढहाने की बात कही गई है।
रेलकर्मियों के लिए लगभग 30 साल पहले सरकारी आवास बनाए गए थे, लेकिन ये आवास हैंडओवर नहीं हो पाए थे। रखरखाव के अभाव में धीरे-धीरे काॅलोनी जर्जर होती गई। कुछ दिन बाद खाली पड़ी काॅलोनी में बाहरी लोग कब्जा कर रहने लगे थे। जानकारी होने पर रेलवे ने आवास खाली करने की नोटिस दी, लेकिन खाली नहीं किया था। इस पर जबरन आवास खाली कराए गए और काॅलोनी की कुछ दीवारों को जेसीबी से तोड़ दिया गया था।
कॉलोनी पूरी तह ध्वस्त न किए जाने से खंडहर बन चुकी है। भले ही इस कॉलोनी में कोई रह नहीं सकता है, लेकिन अराजक तत्वों के छिपने का ठिकाना जरूर बनी है।
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसके सिंह ने बताया कि ऊंचाहार में 110 आवास बने हैंं, जिन्हें ढहाने के लिए रेलवे के निर्माण निरीक्षक प्रयागराज को पत्र भेजा गया है। जर्जर आवासों में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के ठिकाना बनाने और हादसे होने की आशंका जताई गई है।