रायबरेली। जिला अस्पताल के सीएमएस पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया गया है। आईजीआरएस के माध्यम से महिला समाजसेवी व अधिवक्ता ने शिकायत करके गंभीर आरोप जड़े हैं। महिला ने सीएमएस के खिलाफ जांच कराकर विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। मामले में डीएम ने सीएमएस से आगामी 22 अप्रैल तक जवाब मांगा है।
आईजीआरएस के माध्यम से डीएम से की गई शिकायत में समाजसेवी व अधिवक्ता नूरजहां खान ने आरोप लगाया कि किसी मरीज से संबंधित समस्या को लेकर सीएमएस के पास जाते हैं, तो वह अपमानजनक व्यवहार करते हैं। बिना मेरी तरफ देखे ही कुर्सी को घुमाकर इधर-उधर देखने लगते हैं। ऐसे में सार्वजनिक रूप से अपमान होता है। वह कहते हैं कि आप कौन होती हैं। आपको समझ नहीं है। दूसरे अस्पताल में जाओ।
आरोप है कि सीएमएस का यह व्यवहार न केवल एक जागरूक नागरिक के सम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह भारत के संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन और लोकसेवक के कर्तव्यों के विरुद्ध है। महिला ने डीएम से मामले की जांच कराकर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। मामले में डीएम ने जिला अस्पताल के सीएमएस को आगामी 22 अप्रैल तक जवाब देने के आदेश दिए हैं।
उधर, सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल आने वाले सभी लोगों को बेहतर इलाज और जांच के साथ ही सम्मान दिया जाता है। किसी के साथ किसी भी प्रकार का कोई अपमानजनक व्यवहार नहीं करता है।