रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा विभाग से संचालित जिले के पांच राजकीय कॉलेजों को अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना के लिए चयनित किया गया है। इन पांचों विद्यालयों में 10-10 लाख रुपये की लागत से लैब बनाई जाएगी। प्रदेश स्तर से ही सेवा प्रदाता का चयन किया जा चुका है।
सेवा प्रदाता को विद्यालयों के प्रधानाचार्य सुरक्षित कक्ष उपलब्ध कराएंगे, जहां उपकरण की आपूर्ति कर उन्हें लगवा दिया जाएगा। इन विद्यालयों से तीन-तीन शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि लैब में बच्चों को प्रशिक्षित किया जा सके।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी से जोड़ने के लिए अटल टिंकरिंग लैब बनेगी। प्रयोगशाला में थ्रीडी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तमाम उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इनकी मदद से विद्यार्थी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और व्यावसायिक शिक्षा में सशक्त हो सकेंगे। छात्र-छात्राओं में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की व्यावहारिक समझ विकसित होगी। विद्यार्थियों में नवाचार की संस्कृति का भी विकास होगा।
बच्चे प्रयोग करके सीख सकेंगे। जिले में 46 राजकीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से पांच विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खीरों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लालगंज, राजकीय इंटर कॉलेज छतोह, माॅडल इंटर कॉलेज हरीपुर निहस्था और मॉडल इंटर कॉलेज मतरमपुर का चयन हुआ है, जहां अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएगी।
आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे विद्यार्थी
लखनऊ मंडल के विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के मुताबिक, केंद्र सरकार के अटल इनोवेशन मिशन के तहत अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना होगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। लैब को उपकरण उपलब्ध कराने के लिए बजट जारी कर दिया है। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।