रायबरेली। किशोर-किशोरियों को कोरोना से बचाने के लिए सोमवार से टीकाकरण शुरू हो गया। पहले दिन 15 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर और किशोरियों ने महा अभियान का हिस्सा बनकर सुरक्षा कवच पाया। किशोरों में टीके को लेकर खुशी देखने को मिली। कुछ केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए भीड़ रही तो कुछ केंद्रों पर सुबह से ही सन्नाटा रहा। दिनभर में 618 किशोर-किशोरियों ने कोरोना टीके की पहली डोज ली।
जिले में दो लाख से अधिक किशोर और किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को पहले दिन जिला अस्पताल में दो और सभी 16 सीएचसी में एक-एक टीकाकरण केंद्र बनाया गया। टीकाकरण को लेकर जिला अस्पताल, महराजगंज, खीरों, बछरावां, लालगंज व ऊंचाहार सीएचसी में किशोरों में जोश देखने को मिला।
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल स्थित केंद्र पर 122 और शहर की गोरा बाजार पीएचसी में 58 किशोर-किशोरियों का टीकाकरण हुआ। धीरे-धीरे टीकाकरण में तेजी आएगी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीकाकरण किया गया। हालांकि कुछ केंद्रों पर काफी कम किशोर टीका लगवाने के लिए पहुंचे।
ग्रामीण क्षेत्र की पांच सीएचसी में टीकाकरण की प्रगति पहले दिन बहुत खराब रही। डीह और नसीराबाद में दिनभर में एक भी टीका नहीं लगाया गया। जगतपुर व जतुआटप्पा में सात-सात और रोहनियां में मात्र पांच टीके लगाए गए। मजेदार बात यह रही कि बेला भेला सीएचसी ने अपने क्षेत्र में टीकाकरण ही नहीं कराया।
शहर स्थित रोटरी क्लब में किशोरों में टीकाकरण कराया। जहां कैंप लगाया गया वहां से सीएचसी की दूसरी करीब 15 किलोमीटर दूर है। बेलाभेला क्षेत्र के किशोरों में टीकाकरण नहीं कराया गया।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीकाकरण का पहला दिन होने के कारण प्रगति ज्यादा अच्छी नहीं रही। इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों के खुलते ही वहां शिविर लगाकर किशोर और किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा।