रायबरेली। शहर की जेल की बदहाली दूर होने वाली है। वजह यह रोड अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के हवाले कर दी गई है। नगर पालिका परिषद ने जेल रोड का मरम्मत कार्य कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव ने राजेश प्रताप सिंह ने पत्र जारी करके स्वामित्व का हस्तानांतरण नगर पालिका परिषद रायबरेली से पीडब्ल्यूडी को किए जाने की स्वीकृति दे दी है।
पुलिस लाइन चौराहा से मामा चौराहा ओवरब्रिज जेल रोड तक मार्ग की कुल लंबाई 2.350 किमी है। करीब दो साल से यह रोड खस्ताहाल है। हालात ये हैं कि सड़क से धूल उड़ती है और गड्ढों में तब्दील है। इससे लोगों को हिचकोले खाने पड़ते हैं। प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोगों का इस सड़क से आना-जाना है। खास बात ये है कि इसी रोड से होकर लोगों का शहर ही नहीं, बल्कि प्रयागराज, प्रतापगढ़, लालगंज, कानपुर आना जाना रहता है। प्रयागराज, प्रतापगढ़ से कानपुर, फतेहपुर जाने वाले ज्यादातर इसी रोड से गुजरते हैं। जिला कारागार भी स्थित है। सड़क का मुद्दा काफी समय से चल रहा था। अब जाकर इस रोड की मरम्मत का रास्ता साफ हो सका है।
पत्र मिला, मार्च तक शुरू होगा कार्य : एक्सईएन
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन महिपाल सिंह का कहना है कि शासन से जेल रोड का मरम्मत कार्य कराने का पत्र मिल गया है। जेल रोड का सर्वे करने के बाद प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा कि सड़क मरम्मत कार्य कराने पर कितना बजट लगेगा। प्रयास है कि मार्च तक सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा।
राहुल के प्रयास से सड़क मरम्मत का रास्ता हुआ साफ : पालिकाध्यक्ष
नगर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर का कहना है कि जेल रोड खस्ताहाल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पालिका की ओर से बराबर शासन को लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर कर सड़क मरम्मत का कार्य कराने का पत्राचार किया जा रहा था। नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के प्रयास से जेल रोड के मरम्मत कार्य कराने का रास्ता साफ हुआ है। जल्द जेल रोड का मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।