रायबरेली। मौसम में बदलाव का असर दिखने लगा है। जिले में उल्टी-दस्त और पेट दर्द का प्रकोप बढ़ गया है। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाए गए 22 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। बुखार के चपेट में आए आठ अन्य रोगियों को भी भर्ती कराया गया। उधर, ओपीडी में भी पेट दर्द, जुकाम, बुखार के मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी काउंटरों पर लंबी लाइन में खड़े होकर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिन में गर्मी बढ़ने के बाद उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे कृष्णा (3), ललिता (28), दीपा गुप्ता (2), हरिश्चंद्र (58), फहीम (40), फातिमा (8), अंजली (15), शरीफ (55), कुसुम (45), लक्ष्मी (8), दल बहादुर (72), आशा (40), राम बहादुर (40), सुबोध (30) आदि मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा सफीकुननिशा (60), गौरी (2), आयुष (4), अबी (3), अधिराज (5) को भी भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। शुक्रवार को ओपीडी में भी भीड़ रही। सबसे ज्यादा मरीजों को ऑनलाइन परचा बनवाने में पसीना बहाना पड़ा। ओपीडी कक्षों के बाहर भी भीड़ रही। दवा लेने के लिए लंबी लाइन मरीजों को लगानी पड़ी। सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल में इलाज और जांच के पर्याप्त बंदोबस्त हैं।
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बासी या खुले में रखे भोजन के सेवन से बचें: डॉक्टर
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम में बदलाव आ रहा है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। खासकर बासी या खुले में रखे भोजन के सेवन से बचें। साफ पानी का इस्तेमाल करें। डायरिया और पेट दर्द जैसी बीमारियां अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलती हैं। ऐसे में, व्यक्तिगत स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी भी व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।