रायबरेली। शासन स्तर पर 1.31 लाख से अधिक प्रसाधन ऑनलाइन एप्रूव्ड न मिलने पर डीपीआरओ ने सभी एडीओ व खंड प्रेरकों को चेतावनी देकर सात दिन में शत-प्रतिशत प्रसाधनों को भारत सरकार की वेबसाइट पर एप्रूव्ड करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सलोन क्षेत्र में सबसे अधिक 15145 प्रसाधनों के लंबे समय से अधूरे होने पर एडीओ को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
शासन स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि जिले में 1,31,297 प्रसाधन अब तक अनएप्रूव्ड हैं। तमाम कारणों से ही भारत सरकार की वेबसाइट पर एप्रूव्ड नहीं हो पा रहे हैं। शासन स्तर पर हुई समीक्षा में मनमानी पकड़ में आने के बाद मिशन निदेशक किंजल सिंह ने नाराजगी जताते हुए अनएप्रूव्ड प्रसाधनों को एप्रूव्ड करके जवाब देने के आदेश दिए हैं।
मिशन निदेशक के निर्देश पर डीपीआरओ ने सभी एडीओ व खंड प्रेरकों को चेतावनी देकर सात दिन में काम को पूरा कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले के सलोन ब्लॉक में 15145, डलमऊ ब्लॉक में 11928, हरचंदपुर ब्लॉक में 9258, छतोह में 9041, राही ब्लॉक में 8532, लालगंज ब्लॉक में 7834, डीह ब्लॉक में 7154, महराजगंज ब्लॉक में 6395, खीरों ब्लॉक में 6361, सतांव ब्लॉक में 6250, सरेनी ब्लॉक में 6235, गौरा ब्लॉक में 6056, शिवगढ़ ब्लॉक में 5855, ऊंचाहार ब्लॉक में 5849, जगतपुर ब्लॉक में 5808, अमावां ब्लॉक में 5610, बछरावां ब्लॉक में 5296, रोहनियां ब्लॉक में 2690 प्रसाधनों को भारत सरकार की वेबसाइट पर अब तक एप्रूव्ड नहीं किया गया है। इससे शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।
जिला पंचायतराज अधिकारी उपेंद्रराज सिंह ने बताया कि लाभार्थियों को प्रसाधनों के निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में 1.31 लाख प्रसाधन ऑनलाइन एप्रूव्ड नहीं हैं। मामले में सभी एडीओ और खंड प्रेरकों को चेतावनी देकर सात दिन में सभी प्रसाधनों को एप्रूव्ड करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।