रायबरेली। जिले में मिलावटखोरों ने हदें पार कर दी है। पिछले नवरात्र में घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सील किए गए मंगूफली, काजू और गट्टे के नमूनों में सेहत के लिए खतरनाक तत्व पाए गए हैं।
विधि विश्लेषक प्रयोगशाला गोरखपुर की जांच में काजू में कीड़े और मूंगफली में फंगस पाया गया है। गट्टे में कीड़े के लार्वा पाए गए हैं। चारों ही खाद्य पदार्थों के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद एफएसडीए ने चारों दुकानदारों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। पिछले नवरात्र में शासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए एफएसडीए को अभियान चलाकर दूषित खाद्य पदार्थों के नमूने सील करके जांच कराने के आदेश दिए थे।
अभिहित अधिकारी इंद्र बहादुर यादव के नेतृत्व में एफएसडीए की टीम ने गदागंज में राम प्रताप और संजय सिंह की दुकान से मूंगफली का नमूना सील किया था।
विधि विश्लेषक प्रयोगशाला गोरखपुर की जांच में मूंगफली पर फंगस पाया गया, जिसके कारण दोनों ही नमूनों को सेहत के खिलाफ खतरनाक घोषित करते हुए असुरक्षित कर दिया गया है।
टीम ने दरीबा में रामचंद्र की दुकान से काजू का नमूना सील किया था। काजू में कीड़े पाए गए है। काजू के नमूने को भी अनसेफ घोषित किया गया है। टीम ने लालगंज क्षेत्र के धनाभाद स्थित हरिशंकर की दुकान से गट्टे का नमूना जांच के लिए भेजा था।
जांच में गट्टे में भी कीड़े के लार्वा पाए गए हैं। नमूनों के अनसेफ घोषित किए जाने के बाद एफएसडीए ने चारों दुकानदारों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में दुकानदारों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि फंगस लगे खाद्य पदार्थों के साथ ही कीड़े वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इससे लीवर को नुकसान होता है। कोई भी घटिया खाद्य पदार्थ खाने से शरीर को दिक्कत हो सकती है। इसलिए इस तरह के खाद्य पदार्थों के सेवन से हरहाल में सभी का बचना चाहिए।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि नवरात्र के दौरान अभियान चलाकर काजू, मूंगफली और गट्टे के नमूने सील करके जांच के लिए भेजे गए थे। काजू में कीड़े और गट्टे में कीड़े के लार्वा पाए गए हैं।
इसके अलावा मूंगफली में फंगस पाया गया है। चारों नमूने असुरक्षित घोषित किए गए हैं। दुकानों को नोटिस देने के साथ ही एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।