महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के हरदोई गांव में बारिश से आई सीलन के चलते गुरुवार को दीवार छप्पर समेत ढह गई। इससे छप्पर के नीचे बैठे चार बच्चों समेत 12 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जांच की। साथ ही घायलों को आर्थिक मदद देने की बात कही।
हरदोई निवासी शिव मोहन चौधरी का गांव में हाता है। इस हाते में पक्की ईंट की दीवार छप्पर रखा था। बारिश के कारण दीवार में सीलन आ गई थी। इस छप्पर के नीचे ही गांव का राकेश छुरी व फावड़ा आदि में धार लगाने की दुकान खोल रखी है। गुरुवार सुबह राकेश औजारों की मरम्मत का कार्य कर रहा था।
वहीं पर शिवमोहन के अलावा शैलेंद्र समेत अन्य लोग बैठे थे। इसी दौरान अचानक दीवार छप्पर समेत भरभराकर ढह गई। इससे छप्पर के नीचे बैठे 12 लोग मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन-फानन मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया।
इसमें गंभीर रूप से घायल राकेश (40), उसकी पत्नी सुनीता (35), बेटी किरन (10), बेटे अनिकेत (3), आदर्श (7), अजय (1) और शिवमोहन (40), शैलेंद्र (36) को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं घायल दिनेश, राहुल, संतोष और अरविंद कुमार का सीएचसी महराजगंज में उपचार कराया गया।
सूचना पर तहसीलदार रामशंकर वर्मा व ग्राम प्रधान आलोक चौधरी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच करने के साथ गंभीर रूप से घायल लोगों का हालचाल जाना। तहसीलदार ने आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। कहा कि मिट्टी से दीवार बनाई गई थी। बारिश के कारण सीलन आने से दीवार छप्पर समेत ढह गई।