सरेनी थाना क्षेत्र में उधारी न चुका पाने से आहत एक श्रमिक ने सोमवार रात फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह गांव के बाहर जंगल में एक नीम के पेड़ के सहारे गमछे से बने फंदे से उसका शव लटकता मिला।
परिवारीजनों ने शव को नीचे उतारा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्नाव जिले के रिखौलिया गांव निवासी बच्चूलाल की शादी यहां चिंताखेड़ा निवासी सोमवती से हुई थी।
सोमवती के कोई भाई या बहन नहीं था। इस पर करीब 15 साल से बच्चूलाल अपनी ससुराल में परिवार के साथ रहता था। खेती के लिए जमीन नहीं थी। मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
सोमवार देर शाम वह घर से निकला और गांव के बाहर जंगल में नीम के पेड़ से गमछे के सहारे फांसी लगा ली। मृतक की पत्नी सोमवती के मुताबिक श्रमिक ने अपने गांव में कुछ लोगों से उधार रुपये ले रखे थे।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उधारी नहीं चुका पाया। इसे लेकर वह काफी परेशान रहता था। इससे पहले भी उसने आत्महत्या की कोशिश की थी।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष राम बाबू पटेल ने बताया कि श्रमिक के फांसी लगाने की वजह परिवारीजन आर्थिक तंगी बता रहे हैं। उधारी न चुका पाने से आहत होकर बच्चूलाल ने ऐसा किया।