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PMAY: शाबाशी की आस में दो साल से अधूरे पड़े पीएम आवासों को दिखा दिया पूरा, किया शत प्रतिशत लक्ष्य का दावा

Tue, 27 Sep 2022 05:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली

सार

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों में किस तरह गड़बड़ी की जा रही है। वो सामने आ गया है। रायबरेली में दो साल से अधूरे पड़े आवासों को पूरा दिखा दिया गया।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना आवास। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रधानमंत्री आवास योजना में कागजों पर शत प्रतिशत प्रगति दिखा कर शाबाशी पाने का खेल महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र में उजागर हुआ है। इसमें प्रधान व सचिव की साठगांठ से बीते दो साल से अधूरे पड़े सात पीएम आवासों को पूर्ण दिखा कर शत प्रतिशत लक्ष्य का दावा किया गया। जांच में मामला पकड़ आने के बाद अब संबंधितों के खिलाफ जांच के साथ ही बीते दो साल से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए बची हुई किस्त राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गयी है।

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वर्ष 2019 से वर्ष 2021 तक पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को आवंटित पीएम आवास का निर्माण कार्य पूरा हुए बिना ही उन्हें कागजों पर पूरी तरह निर्मित दर्शा दिया गया। महराजगंज ब्लॉक के ज्योना में रामकिशोर, हरिश्चंद्र, पूरे मोती गांव में फूलमती, इमामगंज गांव में चांदनी, पूरे गुरुदत्त गांव में सुनीता, पूरे बरियार गांव में अखिलेश, पूरे हवलदार सिंह गांव में संजू प्रजापति को आवंटित पीएम आवास योजना के मकान अभी तक अधूरे पड़े हैं। कागजों पर इनका निर्माण पूरा दिखा दिए जाने के कारण लाभार्थियों को इन्हें बनाने के लिए मिलने वाली पूरी किस्त राशि भी नहीं मिली।

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डीआरडीए के परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में सामने आए ऐसे सात लाभार्थियों के अधूरे आवासों को पूर्ण कराने के लिए बची हुई जरूरी किस्त की राशि भी उनके खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू कराते हुए तत्कालीन पंचायत सचिव मनोज कुमार व संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ भी जांच का निर्देश दिया गया है।

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