रायबरेली/बछरावां। सड़क पर प्रसव के मामले को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। मामले में बछरावां सीएचसी अधीक्षक से जवाब-तलब किया है। उधर, अधीक्षक ने महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
बछरावां के खालेगांव मजरे शेषपुर समोधा निवासी औसान ने गुरुवार शाम करीब चार बजे अपनी पत्नी सोनी को प्रसव के लिए सीएचसी बछरावां में भर्ती कराया था।
महिला चिकित्सक डॉ. नम्रता सिंह प्रसूता को देखने के बाद कहीं चली गईं थीं। बाद में स्टाफ नर्स विमला वर्मा ने प्रसूता को रक्त की कमी होने का हवाला देकर नार्मल प्रसव कराने से इंकार कर दिया था और उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
सीएचसी में प्रसव न कराए जाने के बाद औसान अपनी पत्नी को लेकर पैदल ही घर जाने लगा। तभी बछरावां-महराजगंज मार्ग पर सीएचसी से महज 100 मीटर की दूरी पर ही सड़क पर महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार को सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बछरावां सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रभात मिश्रा से मामले में पूरी रिपोर्ट तलब की। उधर अधीक्षक ने भी डॉ. नम्रता सिंह व स्टाफ नर्स विमला वर्मा से मामले में जवाब मांगा है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। लापरवाही उजागर होने पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स से जवाब मांगा गया है।
बछरावां सीएचसी के पास सड़क पर प्रसव के मामले में अधीक्षक से जवाब मांगा गया है। सीएचसी में सारी सुविधाएं होने के बाद भी प्रसव न कराए जाने के संबंध में रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ